मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे पर दालमंडी सड़क चौड़ीकरण, वरुणा नदी पुनरोद्धार और बाढ़ बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण और कोर्ट केस जल्द सुलझाने के निर्देश दिए हैं।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान शहर के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं को लेकर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक का मुख्य फोकस वाराणसी में दालमंडी सड़क चौड़ीकरण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देना रहा।

दालमंडी सड़क चौड़ीकरण और भूमि अधिग्रहण में तेजी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि वाराणसी में दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करें ताकि प्रोजेक्ट समय पर संपन्न हो सके। जो मामले न्यायालयों में लंबित हैं, उनकी प्रभावी पैरवी की जाए ताकि कानूनी अड़चनों को दूर कर काम को आगे बढ़ाया जा सके।

बाढ़ बचाव और वरुणा नदी पुनरोद्धार आगामी सीजन को देखते हुए सीएम ने बाढ़ बचाव से जुड़े कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर उनके सुझावों को योजनाओं में शामिल करें। वरुणा नदी पुनरोद्धार के लिए आवश्यक कार्रवाई को तेज किया जाए। नाविकों से निरंतर संवाद बनाए रखें ताकि श्रद्धालुओं को घाटों पर कोई असुविधा न हो।

घाटों की पवित्रता और सुरक्षा सर्वोपरि – मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि वाराणसी के घाट श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र और पवित्र स्थल हैं। यहाँ किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन या अराजकता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने नोडल अधिकारियों को हर कार्य की मॉनिटरिंग करने और किसी भी बाधा को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।

नगर निगम और जल निगम को सुधार की चेतावनी शहर की बुनियादी समस्याओं पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने सीवरेज और शुद्ध पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता पर असंतोष जताया। उन्होंने नगर निगम और जल निगम को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने की नसीहत दी और सुनिश्चित करने को कहा कि हर नागरिक को शुद्ध पेयजल मिले।

ट्रैफिक जाम और ठंड से राहत के इंतजाम वाराणसी की सड़कों को जाम मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित निर्देश दिए शहर में व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाए जाएं। रिक्शा और ठेलों का रूट तय कर उन्हें व्यवस्थित किया जाए। उपयुक्त पार्किंग स्थल तैयार किए जाएं। बढ़ती ठंड को देखते हुए उन्होंने पर्याप्त रैन बसेरों की व्यवस्था, कंबल वितरण और अन्य जरूरी इंतजाम तत्काल सुनिश्चित करने को कहा है।

विकास का रिपोर्ट कार्ड: 48,000 करोड़ से अधिक का निवेश बैठक के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को जिले में चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट पेश की। 2014 से 2025 तक: कुल 486 प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए (लागत: ₹35,155 करोड़)। वर्तमान स्थिति: ₹12,915 करोड़ की 128 परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। सड़क और पुल: वर्तमान में ₹5,812 करोड़ के 24 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम जैसी संस्थाएं अपनी परियोजनाओं का जनप्रतिनिधियों के साथ निरीक्षण करें ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही माघ मेले की तैयारियों और राजस्व वादों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *