वाराणसी। शहर में अपराध नियंत्रण और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी कमिश्नरेट की सिगरा थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को रेलवे पुलिस (RPF) का सब-इंस्पेक्टर बताकर लोगों पर धौंस जमा रहा था। पुलिस बूट, कमर में लगी पिस्टल और गले में आईकार्ड लटकाकर वह दुकानदारों और आम जनता पर रौब गांठता था, लेकिन उसकी यह हेकड़ी ज्यादा दिन नहीं चल सकी और वह असली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
यह सफल कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देशानुसार, पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त (चेतगंज) व प्रभारी निरीक्षक सिगरा के कुशल नेतृत्व में मंगलवार को की गई।
नेहरू मार्केट में जमा रहा था दरोगा होने की धौंस – मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को सिगरा थाना पुलिस टीम जवाहर नगर इलाके में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से एक पुख्ता सूचना मिली कि नेहरू मार्केट में एक युवक पुलिस की वर्दी का बूट पहने और कमर में पिस्टल लगाए घूम रहा है। वह खुद को रेलवे पुलिस का दरोगा बताकर दुकानदारों पर रौब जमा रहा है।
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत नेहरू मार्केट पहुँची। वहाँ उन्होंने देखा कि एक युवक सफेद टी-शर्ट, ग्रे जींस और पुलिस बूट पहने हुए है। उसने कमर पर एक होलिस्टर (पिस्टल का कवर) भी लगा रखा था, जिसमें पिस्टल साफ दिखाई दे रही थी।
पूछताछ में खुली पोल, निकला बिहार का जालसाज – पुलिस ने जब उस संदिग्ध युवक को रोककर पूछताछ की, तो उसने अपना नाम अमृत रंजन, पुत्र अशोक कुमार ओझा, निवासी बिहिया, भोजपुर (बिहार) बताया। उसने खुद को रेलवे सुरक्षा बल (RPF/CIB) का सब-इंस्पेक्टर बताते हुए अपना पहचान पत्र दिखाया। आईकार्ड पर इंडियन रेलवे का लोगो और उसकी फोटो लगी थी, लेकिन पुलिस को उसकी गतिविधियाँ और आईकार्ड संदिग्ध लगे।
जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और सारा सच उगल दिया। उसने कबूल किया, “मैं पुलिस वाला नहीं हूँ। मैं फर्जी पुलिस वाला बनकर बस लोगों पर धौंस जमाता हूँ, इससे कई जगह फायदा भी मिल जाता है।” कमर में लगी पिस्टल के बारे में पूछने पर उसने बताया कि वह भी नकली है।
पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ थाना सिगरा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्र, उ.नि. पुष्कर दुबे (चौकी प्रभारी रोडवेज), उ.नि. विकल शाण्डिल्य (चौकी प्रभारी काशी विद्यापीठ), कांस्टेबल वीरेंद्र यादव, नीरज मौर्य और चिंताहरण तिवारी की भूमिका सराहनीय रही।





