वाराणसी: साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में वाराणसी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर सेल और लालपुर पाण्डेयपुर थाने की संयुक्त टीम ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी सिम कार्ड बनवाकर साइबर अपराधियों को बेचता था। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से बड़ी संख्या में फर्जी सिम, बायोमेट्रिक मशीन और नगद रुपये बरामद किए हैं।
ऐसे होता था फर्जीवाड़ा – गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से अपना काम करते थे। वे कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे, जो उनसे सिम लेने या अपना पुराना सिम पोर्ट कराने आते थे। ये जालसाज लोगों से कहते थे कि नेटवर्क में दिक्कत आ रही है और इसी बहाने वे उनकी डबल केवाईसी (eKYC और dKYC) करा लेते थे। इस धोखे से वे ग्राहक के नाम पर एक और फर्जी सिम एक्टिवेट कर लेते थे।
यह फर्जी सिम फिर पैक करके दिल्ली और दूसरे राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों को कोरियर या बस के जरिए भेज दिया जाता था। साइबर अपराधी इन फर्जी सिम का इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी, ठगी और अन्य साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए करते थे, ताकि उनका पता न लगाया जा सके।
पुलिस ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई – पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर इस गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाटी इमली के पास से एक पीओएस एजेंट (Point of Sale Agent) सहित गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में सुनील यादव, शुभम अग्रहरी, नेयाज अहमद और अरुण त्रिपाठी शामिल हैं।
पुलिस ने इन अपराधियों के पास से 71 सिम कार्ड (जिनमें से 11 एक्टिवेटेड थे), एक बायोमेट्रिक मशीन, चार मोबाइल फोन और 18,490 रुपये नगद बरामद किए हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने संबंधित टेलीकॉम कंपनी को भी उस पीओएस एजेंट का लाइसेंस रद्द करने के लिए सूचित कर दिया है।
गिरफ्तारी /सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम में थाना- लालपर पाण्डेयपुर से प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, उ.नि. धरिंद्र कुमार तिवारी, हे. का. शिव कुमार प्रसाद, का. अमरेश यादव के साथ ही साइबर सेल टीम से प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, उ.नि. अजय कुमार पाण्डेय, उ.नि. हरिकेष यादव, उ.नि. कृष्ण कुमार जायसवाल, का. विराट सिंह, का. आदर्श आनंद सिंह, का. शिव बाबू, का. अंकित गुप्ता, का. रोहित तिवारी, का. रविश राय, का. अखिलेश सोनकर शामिल रहे।
इस गिरफ्तारी के बाद, फर्जी सिम बेचकर साइबर अपराध में मदद करने वाले गिरोहों को एक कड़ा संदेश गया है। वाराणसी पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है और इससे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।




