अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा

वाराणसी: फ्लिपकार्ट के एक डिलीवरी कर्मचारी को असलहे के बल पर आतंकित करके की गई लूट के सनसनीखेज मामले में शामिल दो बाल अपचारियों (नाबालिगों) को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। किशोर न्याय बोर्ड ने दोनों को जमानत पर उनके पिता के संरक्षण में रिहा करने का आदेश दिया है।

बोर्ड का फैसला किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट सौरभ शुक्ला और सदस्यगण त्र्यंबक नाथ शुक्ला व आरती सेठ की पीठ ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह फैसला सुनाया। बोर्ड ने दोनों बाल अपचारियों को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है।

अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह राहत मिल सकी।

क्या था पूरा मामला? कटौना, वाराणसी के निवासी महेश कुमार वर्मा, जो फ्लिपकार्ट में डिलीवरी बॉय का काम करते हैं, ने बड़ागांव थाने में इस घटना की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी।

  • घटना का विवरण: 18 अक्टूबर 2025 को महेश कुमार वर्मा अवनिश सिंह के नाम से बुक किए गए पार्सल की डिलीवरी के लिए चिउरापूर हथिवार मार्ग पर पहुँचे थे। कथित ग्राहक अवनिश सिंह लगातार समय लेता रहा।
  • जब डिलीवरी बॉय वापस जाने लगा, तो ग्राहक ने उसे दोबारा बुलाया। जैसे ही वह चिउरापूर हथिवार मार्ग पर पहुँचा, ग्राहक अवनिश सिंह वहाँ मिला।
  • लूट की वारदात: तभी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाश वहाँ पहुँचे। उन्होंने महेश वर्मा पर कट्टा सटाकर गाली दी और उनका मोबाइल, नगदी (2 से 3 हजार रुपए), आधार कार्ड, डिलीवरी बैग और ग्राहकों को लौटाए जाने वाले पार्सल (जिसमें शर्ट, जींस पैंट, पिक पैकेट और दवा पैकेट शामिल थे) लूट लिए।
  • लूट के बाद दोनों लुटेरे मोटरसाइकिल से भाग निकले और कथित कस्टमर भी उनके पीछे-पीछे चला गया।

इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और दोनों बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया असलहा भी बरामद किया था।

न्याय बोर्ड का यह फैसला बाल अपचारियों के भविष्य और उनके सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें अपने परिवार के साथ रहकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने का मौका मिला है।

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