गाजीपुर: गाजीपुर के नोनहरा इलाके में सियाराम उपाध्याय उर्फ जोखु उपाध्याय की मौत का मामला अब गरमा गया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) वाराणसी परिक्षेत्र, वैभव कृष्ण ने खुद नोनहरा थाने का दौरा किया।
डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक गाजीपुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे मामले की समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच-पड़ताल की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

निलंबन और जांच का सिलसिला – इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ने तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने जिलाधिकारी गाजीपुर को एक पत्र भेजकर इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराने का अनुरोध किया है। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सच्चाई सामने लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इसके साथ ही, इस घटना से जुड़े कुल 11 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। इनमें से 6 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि 5 को लाइन हाजिर किया गया है।
निलंबित होने वाले पुलिसकर्मी में प्रभारी निरीक्षक वेंकटेश तिवारी, थाना नोनहरा, उप निरीक्षक अवधेश कुमार राय, थाना नोनहरा, मुख्य आरक्षी नागेंद्र सिंह यादव, थाना नोनहरा, आरक्षी धीरज सिंह, थाना नोनहरा, आरक्षी अभिषेक पाण्डेय, थाना नोनहरा, आरक्षी राकेश कुमार, थाना नोनहरा शामिल है।
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मी में उप निरीक्षक कमलेश गुप्ता, थाना नोनहरा, उप निरीक्षक जुल्फिकार अली, थाना नोनहरा, आरक्षी मुलायम सिंह, थाना नोनहरा, आरक्षी राघवेंद्र मिश्रा, थाना नोनहरा, आरक्षी राजेश कुमार, थाना नोनहरा शामिल है।
इस सख्त कार्रवाई से यह साफ है कि कानून व्यवस्था को लेकर कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का यह कदम आम जनता में विश्वास जगाने का काम करेगा कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
यह खबर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, और हर कोई इस मामले के अंतिम नतीजे का इंतजार कर रहा है।




