वाराणसी। शहर में अवैध निर्माणों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, और अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ये सब वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की मिलीभगत से हो रहा है? ताज़ा मामला पीलीकोठी क्षेत्र का है, जहां जामिया अस्पताल के ठीक सामने एक बड़े अवैध निर्माण की खबर सामने आई है।

क्या है पूरा मामला? पीलीकोठी के भवन संख्या जे. 41/106 ए एच 1 के ठीक बगल में एक नया निर्माण हो रहा है। स्थानीय सूत्रों और लोगों के मुताबिक, यह निर्माण पूरी तरह से अवैध है। भवन स्वामी के रूप में डॉ. नजीमुद्दीन का नाम सामने आ रहा है, जो फिलहाल खजुरी में रहते हैं।

परमिशन का बोर्ड, परमिशन है या धोखा? चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर वीडीए से परमिशन का एक बोर्ड लगा हुआ है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि यह बोर्ड सिर्फ वीडीए के अधिकारियों और आम जनता को गुमराह करने के लिए लगाया गया है। असलियत में, इस निर्माण के लिए न तो कोई नक्शा पास कराया गया है और न ही वीडीए से कोई अनुमति ली गई है। बिल्डर और भवन स्वामी, दोनों ही मिलकर इस अवैध काम को अंजाम दे रहे हैं।

राजस्व का नुकसान और जनता की जान को खतरा शहर में इस तरह के अवैध निर्माणों से वीडीए को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। लेकिन इससे भी बड़ा खतरा आम लोगों की जान और माल को है। बिना नक्शे और नियमों के बन रही ये इमारतें कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। कई बार देखा गया है कि अवैध निर्माणों में फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल नियमों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जाता, जिससे भूकंप या आग लगने जैसी स्थिति में भारी क्षति हो सकती है।

सवाल वीडीए पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना शहर के बीचों-बीच इस तरह का बड़ा अवैध निर्माण संभव है? जब एक छोटा सा निर्माण भी वीडीए की नजर में आ जाता है, तो फिर इतना बड़ा निर्माण कैसे अनदेखा किया जा रहा है?

यह रिपोर्ट वाराणसी से विनय यादव द्वारा भेजी गई है, जो यह साबित करती है कि शहर में अवैध निर्माण का खेल किस कदर चल रहा है और इस पर लगाम लगाना बेहद ज़रूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed