बचाव पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव ने कोर्ट में पक्ष रखा
वाराणसी: पुरानी दुश्मनी के चलते एक अंडा विक्रेता पर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तृतीय) पूनम पाठक की अदालत ने आरोपी अंगद सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि अगर पुलिस उसे गिरफ्तार करती है तो 50-50 हजार रुपये के दो जमानतदार और एक बंधपत्र देने पर उसे तुरंत रिहा कर दिया जाए।
इस मामले में बचाव पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव ने कोर्ट में अंगद का पक्ष रखा।

क्या था पूरा मामला? – यह घटना 27 जुलाई 2025 की है। वादी राजेंद्र पटेल ने बताया कि वह बाजार से घर लौटे थे, तभी सुरेंद्र तिवारी का लड़का दीपक तिवारी उनके घर आया और उनसे मारपीट करने लगा। जब राजेंद्र ने इसका विरोध किया तो दीपक ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
शाम को जब राजेंद्र ने अपनी अंडे की दुकान खोली, तो सोनू तिवारी एक और शख्स के साथ वहां आया और उन्हें गोली मारने की धमकी दी। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद, रात 8:30 बजे विनीत सिंह, दीपक तिवारी और कुछ अज्ञात लोग एक गाड़ी में उनकी दुकान पर आए और राजेंद्र को निशाना बनाकर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी।
इस हमले के बाद, 28 जुलाई 2025 को पुलिस ने सिंधौरा थाने में दीपक तिवारी, सोनू तिवारी, विनीत सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया था। बाद में जांच के दौरान अंगद सिंह का नाम भी सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाया। अब इसी मामले में कोर्ट ने अंगद सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है।




