वाराणसी: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए आए श्रद्धालुओं की भीड़ में अक्सर बिछड़ने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे ही एक मामले में, वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और तेज कार्रवाई से एक वृद्ध महिला श्रद्धालु को उनके भटक चुके परिजनों से मिलाकर एक सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की इस मानवीय पहल की हर तरफ तारीफ हो रही है।
कैसे शुरू हुआ ‘ऑपरेशन मिलन’ – यह घटना 5 अक्टूबर 2025 की है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण और मिशन शक्ति फेज-5 अभियान के तहत पुलिस टीमें सक्रिय थीं। इसी दौरान, चौक थाने पर एक वृद्ध महिला भटकते हुए पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए आई थीं, लेकिन भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ गईं।

महिला की परेशानी को देखते हुए, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध शुभम कुमार सिंह के कुशल पर्यवेक्षण में, चौक थाना प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा की टीम तुरंत हरकत में आई।
सर्विलांस और सोशल मीडिया बना मददगार – वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपनिरीक्षक यशवन्त सिंह, महिला उपनिरीक्षक मानसी वर्मा और थाने की महिला सुरक्षा टीम ने बुजुर्ग महिला से पूछताछ शुरू की। उनसे मिली अधूरी जानकारी और उपलब्ध माध्यमों का उपयोग करते हुए, पुलिस ने महिला के परिवार को ढूंढने का बीड़ा उठाया। सर्विलांस, सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों की मदद से, पुलिस टीम ने आखिरकार महाराष्ट्र के कादीवली पोइसर में रहने वाले उनके परिजनों से संपर्क साध लिया।
भटकी हुई श्रद्धालु की पहचान निर्जला झा पत्नी दिगम्बर झा के रूप में हुई, जो महाराष्ट्र के कुरारगांव, जिला महाराष्ट्र की निवासी थीं।
खुशी के आंसू और पुलिस की प्रशंसा – परिजनों को जैसे ही पता चला कि उनकी बुजुर्ग मां या रिश्तेदार सुरक्षित हैं और वाराणसी पुलिस के पास हैं, उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। पुलिस के बुलावे पर परिवार के लोग तुरंत थाने पहुंचे। एक भावुक पल में, चौक थाने की टीम ने वृद्ध श्रद्धालु निर्जला झा को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
परिजनों ने वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता से काम किया, वह सराहनीय है और यह दिखाता है कि काशी की पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के लिए भी हमेशा तैयार रहती है।
इस सफल ‘मिलन’ में प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक यशवन्त सिंह, और महिला उपनिरीक्षक मानसी वर्मा की टीम का अहम योगदान रहा।






