लखनऊ की अलीगंज पुलिस और स्वाट टीम ने डेटिंग ऐप ‘Grindr’ के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर लूट और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के 4 शातिर अभियुक्तों और 1 बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है।

लखनऊ (बीएम ब्रेकिंग न्यूज): राजधानी लखनऊ में डिजिटल अपराध और ब्लैकमेलिंग के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ को एक बड़ी सफलता मिली है। अलीगंज पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम (डीसीपी उत्तरी) की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन डेटिंग ऐप के माध्यम से मासूम लोगों को अपने जाल में फंसाकर लूटपाट और ब्लैकमेल करने वाले एक खतरनाक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 4 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और 1 बाल अपचारी को संरक्षण में लिया है।

डेटिंग ऐप के जरिए बिछाते थे जाल पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे ऑनलाइन डेटिंग ऐप “ग्राइंडर” (Grindr) का सहारा लेते थे। गिरोह का काम करने का तरीका किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा था: गिरोह का एक सदस्य ऐप के जरिए पीड़ित से संपर्क कर उसे उसके घर या किसी कमरे पर मिलने के लिए राजी करता था। जैसे ही सदस्य अंदर पहुंचता, वह अपने अन्य साथियों को सिग्नल दे देता था। कुछ ही देर में गिरोह के अन्य सदस्य जबरन कमरे में घुस जाते और पीड़ित का आपत्तिजनक वीडियो बनाने लगते। इसके बाद पीड़ित को डराया जाता कि वह किसी नाबालिग के साथ गलत काम कर रहा था। वीडियो वायरल करने और जेल भेजने की धमकी देकर उससे ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर कराई जाती और नकदी व सामान लूट लिया जाता।

अलीगंज पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 15 मार्च 2026 को एक पीड़ित ने थाना अलीगंज में तहरीर दी। पीड़ित के मुताबिक, कुछ बदमाशों ने उसके घर में घुसकर उसे धमकाया और ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराने के साथ उसका मोबाइल भी छीन लिया। पुलिस उपायुक्त उत्तरी के निर्देशन में गठित टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर 16 मार्च 2026 को प्रातः 05:50 बजे सेक्टर-E कूड़ाघर के पास घेराबंदी कर इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में छात्र से लेकर कारपेंटर तक शामिल हैं: खालिद अहमद (23 वर्ष): निवासी इंदिरानगर, लखनऊ (छात्र)। देवकरण सिंह (23 वर्ष): निवासी सर्वोदय नगर, लखनऊ (सेल्समैन)। आकाश पाण्डेय (21 वर्ष): निवासी अलीगंज, लखनऊ (कैटरिंग)। सुभाष रावत उर्फ गोलू (22 वर्ष): निवासी गाजीपुर, लखनऊ (कारपेंटर)। बाल अपचारी (17 वर्ष): जो डिलीवरी बॉय का काम करता था।

बरामदगी और आपराधिक इतिहास पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है: 04 अदद मोबाइल फोन, 03 अदद मोटरसाइकिल (बिना वैध कागजात के, जिन्हें धारा 207 MV एक्ट में सीज किया गया) 19,999 रुपये के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की डिटेल्स। मुख्य अभियुक्त खालिद अहमद और देवकरण सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसमें पॉक्सो एक्ट और मारपीट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।

इस कार्रवाई में स्वाट/सर्विलांस टीम प्रभारी उ0नि0 दीपक कुमार रनावत और प्रभारी निरीक्षक अलीगंज अशोक कुमार सोनकर के नेतृत्व वाली टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में उ0नि0 अमित कुमार, अवध कुमार, मनोज कुमार और अन्य सिपाही शामिल रहे।

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