उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति एक बार फिर चर्चा में है। वाराणसी के हरहुआ इलाके से एसटीएफ ने एक ऐसी गिरफ्तारी की है, जिसकी गूँज सीधे विधानसभा से जुड़ी हुई है।

कौन है अमित यादव और क्यों हुई गिरफ्तारी? – वाराणसी के मैदागिन निवासी अमित यादव काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर थे। लखनऊ STF की बड़ी कार्रवाई के तहत उन्हें सोमवार को हरहुआ क्षेत्र से दबोच लिया गया। अमित यादव पर आरोप है कि वे कफ सिरप की अवैध तस्करी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा हैं। इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल बताया जा रहा है, जिसके साथ अमित यादव के गहरे व्यापारिक और वित्तीय संबंध सामने आए हैं।

विधानसभा में सीएम योगी ने उठाए थे तीखे सवाल यह मामला तब और गंभीर हो गया जब खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में अमित यादव का जिक्र किया। विधानसभा में सीएम योगी ने उठाए थे विदेश दौरे और कफ सिरप सिंडिकेट पर सवाल और पूछा था कि एक साधारण बैकग्राउंड वाले व्यक्ति के पास इतने महंगे विदेश दौरों के लिए पैसे कहाँ से आए? लक्जरी लाइफस्टाइल: सोशल मीडिया पर अमित यादव की विदेश यात्राओं और महंगी गाड़ियों की तस्वीरें वायरल थीं। फंडिंग का स्रोत: सीएम योगी ने सवाल किया था कि इस ‘कफ सिरप सिंडिकेट’ से होने वाली अवैध कमाई का इस्तेमाल रसूख बनाने के लिए किया जा रहा है। राजनीतिक संबंध: सदन में विपक्षी नेताओं के साथ अमित यादव की तस्वीरों पर भी चर्चा हुई थी, जिससे मामला पूरी तरह गरमा गया था।

लखनऊ एसटीएफ की टीम पिछले कई दिनों से अमित यादव की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। जैसे ही इनपुट मिला कि अमित यादव हरहुआ इलाके में मौजूद हैं, टीम ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बड़ी खबर: गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसटीएफ उन्हें एक गुप्त स्थान पर ले गई है। अब उनके बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और शुभम जायसवाल के साथ हुए वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी का यह जाल बहुत गहरा है। लखनऊ STF की बड़ी कार्रवाई, हरहुआ से गिरफ्तार हुआ अमित यादव के मामले में यह साफ हो गया है कि अवैध दवाओं के व्यापार से करोड़ों की संपत्ति बनाई गई। मुख्य बिंदु: अवैध डायवर्जन: दवाओं को कानूनी सप्लाई चेन से हटाकर अवैध रूप से नशे के बाजार में बेचना। मनी लॉन्ड्रिंग: कफ सिरप से हुई कमाई को विदेश यात्राओं और लक्जरी निवेश में खपाना। जीरो टॉलरेंस: सीएम योगी के कड़े रुख के बाद एसटीएफ ने इस सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए यह बड़ी कार्रवाई की है।

अमित यादव की गिरफ्तारी यूपी सरकार का उन अपराधियों को कड़ा संदेश है जो रसूख की आड़ में अवैध धंधे चला रहे हैं। विधानसभा में सीएम योगी ने उठाए थे विदेश दौरे और कफ सिरप सिंडिकेट पर सवाल, और अब एसटीएफ की इस कार्रवाई ने उन सवालों के जवाब ढूंढने शुरू कर दिए हैं।

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