पटना: बिहार की राजधानी पटना में आतंक का पर्याय बन चुका ‘महाकाल गैंग’ आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में है। हाल ही में हुई बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने गैंग के सरगना अजय कुमार उर्फ ‘मतलब’ सहित 10 अपराधियों को धर दबोचा है। इन गिरफ्तारियों ने इस गैंग के काम करने के व्यवस्थित और भयावह तरीके का खुलासा किया है, जिसने अपराध की एक समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी कर दी थी। पुलिस अब गैंग की अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर रही है।

वसूली नहीं, यह तो था ‘आपराधिक मॉडल’ – पूर्वी एसपी परिचय कुमार के अनुसार, ‘महाकाल गैंग’ महज मारपीट या रंगदारी तक सीमित नहीं था। यह एक बाकायदा ‘आपराधिक बिज़नेस मॉडल’ पर काम करता था, जिसके तीन मुख्य स्तंभ थे:
1. विवादित जमीनों पर जबरन कब्जा (मुख्य धंधा) – यह गैंग का सबसे बड़ा धंधा था। विवादित ज़मीनों के मालिक या बिल्डर्स इस गैंग को ऊँचे दामों पर ‘हायर’ करते थे। गैंग के सदस्य किराए पर लाए गए लड़कों के ज़रिए दबंगई दिखाते हुए प्लॉट पर कब्ज़ा करवा देते थे। इस काम के एवज में गैंग प्रति विवाद 1 से 2 लाख रुपए तक की मोटी रकम वसूलता था, जिसे सक्रिय सदस्यों में बाँटा जाता था।

2. युवाओं की भर्ती और ‘सुरक्षा गारंटी’- गैंग का सबसे खतरनाक पहलू था, युवाओं को भर्ती करने का तरीका। गैंग में शामिल होने के लिए 20 से 25 साल के युवाओं से 1000 से 5000 रुपए तक की ‘एंट्री फीस’ ली जाती थी। इस फीस के बदले में गैंग अपने नए सदस्यों को पूरे पटना में किसी भी स्थिति में पूरी सुरक्षा की गारंटी देता था। एक कॉल पर 100 से 200 लड़के इकट्ठा हो जाते थे, जिसने गैंग का दबदबा कायम रखा था।
3. अवैध हथियारों की डीलिंग – गैंग का नेटवर्क अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में भी सक्रिय था। हाल ही में नौबतपुर में दो सगे भाइयों की गिरफ्तारी से पता चला कि गैंग के सदस्य 35,000 रुपए तक में पिस्टल की डील कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर ‘दबंगई’ का स्टेटस सिंबल – ‘महाकाल गैंग’ अपनी दहशत फैलाने के लिए सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल करता था। गैंग के सदस्य फैंसी नामों वाले ग्रुप और पेज बनाकर अपनी दबंगई को प्रचारित करते थे। अपनी गाड़ियों पर ‘महाकाल’ लिखकर घूमना और दबंगई की तस्वीरें-वीडियो अपलोड करना उनके लिए ‘स्टेटस सिंबल’ बन गया था। इससे वे निर्दोष लोगों के बीच भय और अपना वर्चस्व बनाए रखने में सफल होते थे।
पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पटना के आपराधिक जगत में खलबली मच गई है। पुलिस का कहना है कि अब ‘महाकाल गैंग’ की कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई तेज़ी से की जाएगी।




