महराजगंज। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एंटी करप्शन टीम महराजगंज ने एंटी करप्शन के डीएसपी रमेश यादव के पर्यवेक्षण में बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर कोतवाली में तैनात 2019 बैच के दरोगा मोहम्मद अशरफ खान को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के निवासी ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन विभाग) को लिखित शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि दरोगा मोहम्मद अशरफ खान उसके खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में धाराएं कम करने के बदले 50 हजार रुपये की घूस मांग रहा है। शिकायतकर्ता की इस गंभीर शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने पहले गोपनीय जांच की। जांच में मामला सही पाए जाने पर टीम ने जाल बिछाया और आरोपी दरोगा को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की।
जैसे ही दरोगा मोहम्मद अशरफ खान ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम (50,000 रुपये) स्वीकार की, पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान टीम ने घूस की पूरी रकम बरामद कर ली है और सभी साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है। आरोपी दरोगा का विवरण : नाम: मोहम्मद अशरफ खान (उपनिरीक्षक), बैच: 2019 बैच, मूल निवास: गाजीपुर जिला, वर्तमान तैनाती: थाना कोतवाली, महराजगंज।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी शिवमनोहर यादव ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे हिरासत में ले लिया गया है। यह कार्रवाई फरेंदा थाने के पास अंजाम दी गई, जिससे जिले के अन्य पुलिसकर्मियों में भी डर का माहौल है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है, फिर भी सरकारी विभागों में ऐसे मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दरोगा मोहम्मद अशरफ खान की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो विभाग को खुद अपने ही लोगों पर कार्रवाई करनी पड़ती है। इससे पहले भी यूपी पुलिस के कई अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं।




