varanasi news: वाराणसी: काशी की धरती पर महिलाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘मिशन शक्ति’ अभियान को एक नई धार मिली है। हाल ही में, वाराणसी में एक बेहद खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें खुलकर सामने आने का हौसला भी दिया।
चौपाल में मिला विश्वास, रैली में दिखी शक्ति – यह पूरा आयोजन किसी सरकारी औपचारिकता से कहीं ज़्यादा, एक पारिवारिक पहल जैसा लगा। विशाल भारत संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजीव और सहायक पुलिस आयुक्त कैंट नितिन तनेजा के कुशल नेतृत्व में, लमही के सुभाष भवन में एक ‘चौपाल’ का आयोजन किया गया। चौपाल, यानी वह जगह जहाँ महिलाएं अपने घर-आँगन की तरह बेझिझक होकर अपनी बातें रख सकीं।

थाना प्रभारी लालपुर पांडेपुर राजीव कुमार सिंह, महिला सुरक्षा केंद्र प्रभारी उपनिरीक्षक मानवी शुक्ला और पूरी मिशन शक्ति टीम ने मिलकर महिलाओं के मन से डर को दूर किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के कुछ ऐसे नंबरों की जानकारी दी, जो हर महिला के फ़ोन में होने चाहिए—ये नंबर सिर्फ़ हेल्पलाइन नहीं, बल्कि संकट के समय के सबसे बड़े दोस्त हैं : 1090 (महिला हेल्पलाइन), 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन), 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) ।
इसके अलावा, उन्हें सरकार की उन तमाम योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया जो उन्हें पैरों पर खड़ा होने और खुद को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं। इस दौरान, महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी आसान भाषा में समझाई गई।

चौपाल का माहौल इतना सकारात्मक था कि महिलाओं के आत्मविश्वास को पंख लग गए। इसी ऊर्जा को ज़मीन पर उतारने के लिए, सुभाष भवन से लेकर मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार, लमही तक एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में महिलाओं ने बड़ी संख्या में, पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। उनके चेहरे की चमक और आवाज़ का दम यह साफ़ बता रहा था कि अब वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
यह पूरा कार्यक्रम सिर्फ एक इवेंट नहीं था, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया एक ज़मीनी कदम था, जिसे स्थानीय समुदाय ने दिल खोलकर सराहा है। यह पहल दिखाती है कि जब प्रशासन और समाज साथ आते हैं, तो नारी शक्ति का उदय निश्चित है।




