मोदी सरकार के नए कानून VB-G RAM G और मनरेगा में मजदूर-विरोधी बदलावों के खिलाफ निकली ‘मनरेगा बचाओ यात्रा’ आज बनारस पहुंची। जानिए मजदूरों के अधिकारों को लेकर युवाओं की क्या हैं मांगें।

वाराणसी: मोदी सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) में किए गए कथित मजदूर-विरोधी बदलावों और नए कानून VB-G RAM G के खिलाफ गांधीवादी युवाओं का आक्रोश अब सड़कों पर है। इसी क्रम में निकाली जा रही ‘मनरेगा बचाओ यात्रा’ आज, सोमवार 16 फरवरी को अपने अगले पड़ाव बनारस पहुँची। बेलवा से शुरू होकर यह यात्रा बड़ागांव, टिकरी खुर्द, भोपतपुर, हरहुआ, चांदमारी और भोजूबीर होते हुए कचहरी पहुँची, जहाँ युवाओं ने जनता को VB-G RAM G कानून के खतरों के प्रति सचेत किया।

यात्रा में शामिल युवाओं ने गाँव-गाँव जाकर आम लोगों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि किस तरह नया कानून VB-G RAM G मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार मनरेगा को कमजोर कर गरीब, दलित, और भूमिहीन मजदूरों के रोजगार के रास्ते बंद कर रही है।

बता दें कि यह मनरेगा बचाओ साइकिल यात्रा 17 जनवरी को चौरी-चौरा (गोरखपुर) से प्रारंभ हुई थी। गोरखपुर, देवरिया, बलिया, मऊ और गाजीपुर के रास्तों से गुजरती हुई यह यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। समापन: 17 फरवरी को भारत माता मंदिर से निकलकर कचहरी स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर एकदिवसीय उपवास के साथ इस यात्रा का समापन होगा।

यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं और शोध छात्रों ने अपनी बात रखी: पुष्कर पाल: “सरकार मनरेगा जैसे कानून को खत्म कर रही है, जो महिलाओं और पिछड़ों के सम्मानजनक रोजगार का आधार है।” सामाजिक कार्यकर्ता नीति: “VB-G RAM G सरकार की कोरी बयानबाजी है। यह रोजगार की गारंटी को खत्म करने की साजिश है।” मृदुला मंगलम (इलाहाबाद विश्वविद्यालय): “मनरेगा ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया था, जिसे अब खतरे में डाला जा रहा है।” रोशन (BHU शोध छात्र): “मोदी सरकार पूंजीपतियों के कर्ज माफ कर रही है, लेकिन मजदूरों के हक पर हमला कर रही है।”

गांधीवादी युवाओं ने सरकार के सामने स्पष्ट मांगें रखी हैं: काम के संवैधानिक अधिकार को पूरी तरह बहाल किया जाए। मजदूर-विरोधी नया कानून VB-G RAM G तुरंत वापस लिया जाए। मनरेगा की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिदिन की जाए।

इस यात्रा में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार (बेगूसराय, सहरसा, मुजफ्फरपुर, नवादा) के युवा भी शामिल हैं। इनमें मृदुला, नीति, रोशन, शांतनु, धनंजय, मृत्युंजय मौर्या, पुष्कर पाल, अमन यादव, सतीश साहनी सहित दर्जनों छात्र और कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।

‘मनरेगा बचाओ यात्रा’ ने यह साफ कर दिया है कि VB-G RAM G कानून और मनरेगा में बदलावों को लेकर जमीन पर भारी विरोध है। कल अंबेडकर प्रतिमा पर होने वाला उपवास इस आंदोलन की अगली दिशा तय करेगा।

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