मिर्जापुर (BM Breaking News): उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एंटी करप्शन के डीएसपी रमेश यादव के निर्देशन में यहाँ सदर तहसील में तैनात एक लेखपाल को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। एंटी करप्शन टीम की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरी तहसील और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
एंटी करप्शन टीम के जाल में फंसा भ्रष्ट लेखपाल – मिली जानकारी के अनुसार, सदर तहसील में तैनात लेखपाल सत्येंद्र बघेल एक पीड़ित से काम के बदले अवैध धन की मांग कर रहा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों लेखपाल ने पैसे पकड़े, टीम ने उसे दबोच लिया।
रिश्वतखोरी के खिलाफ मिर्जापुर में हड़कंप – 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों लेखपाल के पकड़े जाने की खबर जैसे ही आग की तरह फैली, तहसील परिसर में सन्नाटा पसर गया। आरोपी लेखपाल सत्येंद्र बघेल को टीम तुरंत अपने साथ थाने ले गई। एंटी करप्शन टीम की इस मुस्तैदी की लोग सराहना कर रहे हैं, क्योंकि अक्सर जमीनी विवादों और कागजी कार्रवाई के नाम पर लेखपालों द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें आती रहती हैं।
थाने में पूछताछ और कानूनी कार्रवाई जारी – गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को थाने ले जाकर कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है। पुलिस और विभाग के आला अधिकारी पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं। 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों लेखपाल के पकड़े जाने के बाद अब यह जांच की जा रही है कि क्या इस खेल में तहसील के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल थे।
मिर्जापुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अगर जनता जागरूक होकर शिकायत करे, तो रिश्वतखोरों की जगह सिर्फ जेल में होगी।




