varanasi news: वाराणसी : जिसे काशी के नाम से भी जाना जाता है, अपनी संस्कृति और आध्यात्मिकता के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन, इस पवित्र नगरी में भी महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा हमेशा से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान का पाँचवाँ चरण (फेज 5.0) शारदीय नवरात्रि के दौरान वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शुरू किया गया।

इस विशेष अभियान का उद्देश्य सिर्फ जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि जमीन पर रहकर ठोस कार्यवाही करना है, ताकि हर महिला और बेटी खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

सड़कों पर पुलिस की गश्त, मनचलों पर लगाम – ‘मिशन शक्ति’ के तहत, वाराणसी पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया। नवरात्रि के दौरान, जब मंदिरों, पंडालों और बाजारों में भारी भीड़ होती है, पुलिस ने पैदल गश्त (फुट पैट्रोलिंग) बढ़ा दी। इस दौरान, पुलिसकर्मियों ने 123 सार्वजनिक स्थलों और 297 संवेदनशील हॉट-स्पॉट पर कड़ी नजर रखी और 4003 लोगों की जाँच की।

इसके साथ ही, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले और सड़कों पर मनचलों की तरह व्यवहार करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की गई। पुलिस ने 427 जगहों पर गाड़ियों की चेकिंग की, जिसमें 4903 वाहनों की जाँच हुई। नियमों का उल्लंघन करने वाले 3660 वाहनों का चालान काटा गया और 43 गाड़ियों से काली फिल्म हटवाई गई। यही नहीं, 1494 लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई और 43 गाड़ियाँ सीज कर दी गईं।

महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले और आपत्तिजनक व्यवहार करने वाले 31 मनचलों और शोहदों के खिलाफ भी कठोर कार्यवाही की गई।

जागरूकता और कानूनी सहायता: मिशन शक्ति का दोहरा वार – वाराणसी पुलिस केवल सड़कों पर कार्यवाही तक सीमित नहीं रही। ‘मिशन शक्ति’ के तहत, 191 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें 2858 महिलाओं और बच्चियों को सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी गई। 2355 पंपलेट भी बांटे गए, ताकि यह जानकारी हर घर तक पहुँच सके।

पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि महिलाएं सिर्फ जागरूक न हों, बल्कि उन्हें ज़रूरत पड़ने पर तुरंत मदद भी मिले। इसी के तहत, पुलिस ने गुमशुदा महिलाओं को ढूंढने और घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • गुमशुदा महिला की तलाश: जैतपुरा थाना पुलिस ने सर्विलांस की मदद से एक महीने से लापता एक महिला को सुरक्षित बरामद किया।
  • दहेज उत्पीड़न मामले में सज़ा: रोहनियां थाना पुलिस ने एक दहेज उत्पीड़न के मामले में अभियुक्त को 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सज़ा दिलाई।
  • पीड़िता को आर्थिक मदद: चौबेपुर थाना पुलिस ने ‘उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष’ योजना के तहत एक पॉक्सो एक्ट पीड़िता को 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई।

वाराणसी पुलिस का यह अभियान इस बात का सबूत है कि सरकार और पुलिस मिलकर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह एक सकारात्मक बदलाव है जो समाज में महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

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