varanasi news: नवरात्रि का पावन पर्व, जो नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है, इस साल वाराणसी में और भी ख़ास बन गया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान के पाँचवें चरण (फेज-5.0) के तहत, कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए एक बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया है।
इस मुहिम का मकसद सिर्फ कानूनी जानकारी देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर महिला और बच्ची खुद को सुरक्षित महसूस करे। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर, वाराणसी के सभी थानों में मौजूद ‘मिशन शक्ति केंद्र’ की महिला अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने इलाकों में लोगों से सीधा संवाद किया।

इस दौरान उन्हें सरकार और पुलिस द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया गया। इन नंबरों में वूमेन पावर लाइन (1090), पुलिस आपातकालीन सेवा (112), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), और वन स्टॉप सेंटर (181) जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचा सकती हैं।
इसके अलावा, साइबर अपराधों से खुद को बचाने के तरीकों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सोशल मीडिया के इस दौर में, डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। पुलिस ने लोगों को सिखाया कि कैसे वे ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग से बच सकते हैं।
इस पहल से यह साफ है कि वाराणसी पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। ‘मिशन शक्ति’ सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि एक भरोसा है कि हर महिला और बच्ची अपनी जिंदगी खुलकर और सुरक्षित होकर जी सके। यह पहल दिखाती है कि जब सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं, तो नारी शक्ति को सही मायने में सशक्त बनाया जा सकता है।




