वाराणसी/कानपुर: आज भी हमारे समाज में दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा के कारण न जाने कितनी महिलाएं अपमान, अत्याचार और दर्द भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। ऐसी ही एक मार्मिक कहानी सामने आई है नाजिया उस्मान की, जो अपनी 10 माह की मासूम बच्ची के साथ न्याय की तलाश में दर-दर भटक रही है।

नाजिया का निकाह मोहम्मद फैसल से 25 नवम्बर 2023 को कानपुर में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ ही महीनों में नाजिया की जिंदगी नर्क बन गई। उसके पति फैसल, सास नसरीन, ससुर जीनुस, जेठ दानिश, बुआ नूरजहां और मामा ससुर रफीकुद्दीन द्वारा लगातार पाँच लाख रुपये नकद, दहेज में सोफा, बुलेट बाइक और मायके से जेवर लाने की मांग की जाने लगी।

जब नाजिया ने इन गैरवाजिब मांगों को पूरा करने से मना किया, तो उस पर शारीरिक और मानसिक अत्याचार शुरू हो गया। आए दिन उसे मारना-पीटना, गाली गलौज करना और घर से निकालने की धमकी दी जाने लगी। पीड़िता ने बताया कि बार-बार तलाक देने की धमकी भी दी जा रही थी।

बच्ची को दूध माँगने पर हुआ विवाद, घर से निकाली गई नाजिया 13 जुलाई 2025 की शाम करीब 5 बजे, जब नाजिया ने अपनी बच्ची मीजल फातिमा के लिए दूध मांगा, तो फैसल ने उसके साथ झगड़ा किया और बेरहमी से मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। अगले ही दिन, 14 जुलाई को फैसल बिना बताए कहीं चला गया। इसके बाद ससुराल वालों ने साफ कह दिया कि फैसल अब उसे तलाक देगा और वह अपनी बच्ची के साथ मायके चली जाए।

17 अगस्त को फिर हुआ हमला, पीड़िता ने 112 पर की शिकायत 17 अगस्त 2025 को सुबह 10 बजे नाजिया के जेठ दानिश ने उसके साथ मारपीट की और सास-ससुर ने गाली गलौज करते हुए धमकियाँ दीं। डरी-सहमी नाजिया ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।

ससुरालियों पर पहले से दर्ज है मुकदमा, चल रही है विवेचना थाना कैंट में पहले ही नाजिया की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जिसकी जांच वर्तमान में विवेचक द्वारा की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर ससुरालीजन पीड़िता पर ही उलटे-सीधे आरोप मढ़कर सास की असमय मृत्यु के लिए उसे जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

न्याय की गुहार: नाजिया ने लगाई प्रशासन से मदद की पुकार नाजिया ने अपने प्रार्थना पत्र में जिला प्रशासन से अपील की है कि ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे और उसकी मासूम बच्ची को न्याय मिल सके। उसने कहा कि वह अपनी बेटी के साथ असहाय और असुरक्षित महसूस कर रही है।

“मैं एक मां हूं, मेरी सबसे बड़ी चिंता मेरी बेटी की सुरक्षा है। मैं बस इतना चाहती हूं कि मेरी बच्ची एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके।” — नाजिया

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि हमारे समाज में अभी भी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की राह में कई बाधाएँ हैं। कानून व्यवस्था को सख्ती से ऐसे मामलों पर संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों को सजा दिलानी चाहिए।

bmbreakingnews.com आपसे वादा करता है कि हम इस मामले पर नजर बनाए रखेंगे और पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में अपनी पत्रकारिता का फर्ज निभाते रहेंगे।

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