मामला वाराणसी में चल रहे पुलिस व अधिवक्ताओ के विवाद का
varanasi news: वाराणसी। जनपद में अधिवक्ताओं व पुलिस के बीच चल रहे विवाद में शुक्रवार को एक नया मोड़ आया। जहां जनपद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी के न्यायालय में जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता राघवेन्द्र नारायण दुबे के द्वारा प्रार्थना पत्र अन्तर्गत धारा 173 (4) बीएनएसएस के तहत दाखिल किया गया है। जो जनपद के चार पुलिस अधिकारियों सहित 50 अज्ञात दरोगा व 50 अज्ञात सिपाहियों पर कार्रवाई हेतु दाखिल किया गया है।
दिये गये प्रार्थना पत्र में दर्शाया गया है कि घटना दिनांक 16/9/2025 की शाम लगभग 3 बजे की है। जिसमें सेन्ट्रल बार वाराणसी में लगे पंजाब नेशनल बैंक के कैम्प में याचिकाकर्ता मौजूद रहे। उसी समय कुछ अधिवकगण घबराये हुये आये और बोले कि थाना कैण्ट प्रभारी व चैकी प्रभारी कचहरी कैम्पस गेट नं. 2 के अन्दर आकर बेगुनाह सिनियर अधिवक्ताओं को लाठी डण्डों से मार रहे है और मां बहन की गाली भी दे रहे है। व
हीं घटना की सूचना अधिवक्ताओं के द्वारा प्राप्त होने पर मैं तुरनत माननीय जिला जज वाराणसी के कार्यालय व तुरन्त उनसे मुलाकार कर घटना से अवगत करवाया। तत्पश्चात मैं तत्काल गेट नं. 2 पर पहुंचा उस समय मैने देखा कि नीतू कात्यान व थाना प्रभारी कैण्ट दोनों लोगकर मिलकर गेट का ताला बंद कर दिये, पूरे चालीस मिनट के उपरान्त पुलिस आयुक्त से वार्ता करने के उपरान्त गेट को खोला गया।
आगे दर्शाया गया है कि पुलिस चैकी इन्चार्ज व थाना प्रभारी कैण्ट मिलकर ईंट पत्थर वकीलों पर चला रहे थे, इतना ही नहीं दोनो लोग मिलकर अधिवक्ताओं व न्यायिक अधिकारियों को मां बहन की गाली भी दे रहे थे। उसी समय नितिन तनेजा, एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना, एडिशनल डीसीपी नीतू कात्यान सहित पचास अज्ञात दरोगा, पचास अज्ञात सिपाही मिलकर अधिवक्ताओं को व न्यायिक अधिकारियों को मां बहन की गन्दी गन्दी गालियां देते हुये जिसमें नीतू कात्यान स्पष्ट रूप से गालियां दे रही थी तथा न्यायिक अधिकारियों पर भी गम्भीर आरोप लगा रही थी।
साथ ही सभी विपक्षीगणों के द्वारा अधिवक्ताओं व न्यायिक अधिकारियों को लगातार गाली व अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा था। जबकि घटना की लिखित सूचना पुलिस आयुक्त को दिनांक 17/9/2025 को प्रस्तुत होकर दिया जा चुका है। वहीं विभागीय कार्यवाही वास्ते भी कहा गया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुआ। न्यायहित में रिपोर्ट व सीसीटीवी फुटेज तलब कर विपक्षीगणों के खिलाफ थाना कैण्ट वाराणसी पर एफआईआर दर्ज करने व विवेचना करने हेतु आदेशित किया जाना आवश्यक व नयाय संगत है। साथ ही प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का भी निवेदन न्यायालय से किया गया है।





