वाराणसी: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के क्रम में, कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस को एक बड़ी न्यायिक सफलता हाथ लगी है। प्रभावी पैरवी और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के दम पर, हत्या से संबंधित एक पुराने और गंभीर मामले में 5 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी, मोहित अग्रवाल के निरंतर मार्गदर्शन और समीक्षा के तहत “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान को सफलता की नई ऊँचाइयों पर ले जाया जा रहा है।
ऑपरेशन कनविक्शन लाया रंग: 5 हत्या अभियुक्तों को आजीवन कारावास – मा. न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), न्यायालय संख्या- 02 वाराणसी ने आज (दिनांक 06.12.2025) एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
थाना शिवपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0 0336/2012 (धारा 147, 148, 149, 302 (हत्या), 307, 427, 323, 336 भादवि) से संबंधित इस मामले में, कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस द्वारा प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों और लोक अभियोजक के संयुक्त प्रयासों के आधार पर निम्नलिखित 5 अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया:
- बंटी सिंह उर्फ राज सिंह उर्फ संजय सिंह
- पिन्टू उर्फ दिलीप सिंह
- गोलू उर्फ बिक्रम सिंह
- गोलू उर्फ भानू केशरी
- सल्टू उर्फ तेज नारायण सिंह
मा. न्यायालय ने इन सभी 5 अभियुक्तों को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) और प्रत्येक पर ₹15,000 रुपये का अर्थदण्ड (जुर्माना) से दण्डित किया है। हत्या जैसे जघन्य अपराध में यह सज़ा “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान की सफलता को दर्शाती है।
वादी मुकदमा पर मिथ्या साक्ष्य देने के लिए कानूनी कार्रवाई के निर्देश – इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ भी आया है। न्यायालय ने पाया कि दो अन्य अभियुक्तों (धर्मेन्द्र कुमार सिंह उर्फ दीनू और राहुल श्रीवास्तव) को दोषमुक्त किया गया है, क्योंकि वादी मुकदमा (शिकायतकर्ता) द्वारा उनके बाबत मिथ्या साक्ष्य (झूठी गवाही) दिया जाना परिलक्षित हुआ है।
ऐसी स्थिति को देखते हुए, मा. न्यायालय ने आदेश दिया है कि वादी मुकदमा के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 344 के तहत कार्रवाई की जाए। न्यायालय ने पृथक से प्रकीर्ण वाद दर्ज करने और वादी मुकदमा को नोटिस भेजने का निर्देश दिया है कि क्यों न उन्हें मिथ्या साक्ष्य देने के लिए संक्षिप्त विचारण कर दण्डित किया जाए। यह फैसला कानून की गंभीरता को भी उजागर करता है।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका – अभियुक्तों को सज़ा दिलाने में कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत, पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी से ही हत्या के इन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सज़ा मिल पाई है।
यह निर्णय “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान को और बल देगा, जिससे जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द कठोरतम सज़ा सुनिश्चित की जा सके।







