वाराणसी: सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिशों के खिलाफ पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट मोहित अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाया है। आज दिनांक 19-01-2026 को पुलिस आयुक्त महोदय ने स्वयं श्री कुम्भा महादेव मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब संज्ञान में आया कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर मंदिर को AI जनरेटेड फोटो के माध्यम से ध्वस्त दिखाया गया है, जो पूरी तरह असत्य और भ्रामक है।
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मंदिर सुरक्षित है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें पूरी तरह फेक (AI जनरेटेड) हैं। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी ने इसे जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य माना है। इस गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए भ्रामक AI जनरेटेड फोटो प्रसारित करने वाले कुल 08 आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
वाराणसी पुलिस न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए कार्रवाई कर रही है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशानुसार, सभी 08 आरोपियों को अपना पक्ष रखने हेतु विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत तीन दिवस (03 दिन) का समय प्रदान किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। वाराणसी पुलिस प्रशासन अब डिजिटल स्पेस में किसी भी तरह की अफवाह को बर्दाश्त नहीं करेगा। पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में वाराणसी पुलिस की सोशल मीडिया सेल द्वारा भ्रामक पोस्ट और फर्जी खबरों पर 24×7 निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी AI जनरेटेड, संदिग्ध वीडियो या फोटो को बिना सत्यापन के साझा न करें। ऐसी भ्रामक सूचनाएं सामाजिक समरसता के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। शांति, सौहार्द और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग करें। इस निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त के साथ पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी., एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।




