varanasi news: वाराणसी: अपराधियों के ख़िलाफ़ वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का सख़्त अभियान रंग ला रहा है। थाना सिगरा पुलिस ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए दो ऐसे संदिग्ध युवकों को धर दबोचा है, जिनके पास से अवैध असलहों का छोटा-मोटा जखीरा बरामद हुआ है।
यह कार्रवाई दिखाती है कि शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है।
यह पूरी कार्रवाई 02 अक्टूबर 2025 को हुई। पुलिस को मुखबिर खास से सटीक सूचना मिली थी कि अमूल डेयरी मोड़ के आगे, रेलवे फाटक के सामने वाले पार्क में कुछ संदिग्ध लोग खड़े हैं, जिनके पास नाजायज असलहा है।

सूचना मिलते ही, थाना सिगरा पुलिस टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही दोनों संदिग्धों ने पीछे मुड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन सिगरा पुलिस ने चतुराई और सूझबूझ से उन्हें चारों ओर से घेर लिया और दबोच लिया। जब उनसे भागने का कारण पूछा गया तो वे सकपका गए और डरकर भागने की बात कबूल की।
तलाशी लेने पर पकड़े गए दोनों युवकों के पास से जो सामान मिला, वह हैरान करने वाला था। एक नाजायज देशी तमंचा (0.315 बोर), एक पिस्टल (0.32 बोर), दो जिन्दा कारतूस (0.32 बोर), 2150/- रुपये नकद, दो मोबाइल फोन (एक LAVA और एक iPhone)
पुलिस ने फ़ौरन इन सभी सामानों को जब्त कर लिया है और दोनों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ आर्म्स एक्ट के तहत मुक़दमा (मु०अ०सं०-0388/2025) दर्ज कर लिया है।
पकड़े गए दोनों अभियुक्त पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखते हैं जिसमे दीपक राजभर (उम्र लगभग 22 वर्ष): मूल रूप से आजमगढ़ का निवासी, लेकिन जालंधर (पंजाब) में रह रहा था। साहिल (उम्र लगभग 20 वर्ष): जालंधर (पंजाब) का निवासी शामिल है।

पुलिस अब इन दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि पता चल सके कि ये अवैध असलहे यहां क्यों लाए गए थे और इनके पीछे कोई बड़ी साज़िश तो नहीं है।
गिरफ़्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा, उप-निरीक्षक मनोज कुमार, ओम प्रकाश, अवधेश कुमार, आरक्षी गौरव कुमार, अखिलेश प्रताप, दिलीप, विकास, और आजाद शामिल रहे।
वाराणसी पुलिस का यह कदम अपराधियों को सख़्त सन्देश देता है कि इस शहर में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




