वाराणसी। ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर लगाम कसने के लिए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने अब आम जनता और खासकर व्यापारी वर्ग के साथ मिलकर एक नई मुहिम छेड़ी है। इसी कड़ी में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कैंट थाना पुलिस द्वारा बुधवार को एक महत्वपूर्ण साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
शहर के सूर्या होटल के मीटिंग हॉल में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को साइबर फ्रॉड के बदलते तरीकों से अवगत कराना और उनसे बचने के उपाय सिखाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीसीपी वरुणा जोन ने की, जबकि एसीपी कैंट और एसीपी सुरक्षा भी मंच पर मौजूद रहे।
अधिकारियों ने सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर – कार्यशाला में मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपने संबोधन में वर्तमान समय में हो रहे विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड जैसे- फर्जी लिंक, ओटीपी स्कैम, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, और बिजली बिल के नाम पर हो रही ठगी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह साइबर अपराधी लोगों को अपनी बातों में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर देते हैं। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से ऐसे फ्रॉड से आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करने और किसी के साथ भी अपना ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी साझा न करने की अपील की।
व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने दिखाई भारी दिलचस्पी – इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में शहर के व्यापारी वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, सारनाथ व्यापार मंडल की अध्यक्षा संगीता चौबे, सरोज कुमार गुप्ता, गोपाल गुप्ता, सोनू गुप्ता, शरद श्रीवास्तव, लल्ला पांडे, संतोष सिंह, नरेन्द्र मौर्या, मोहम्मद वसीम, आसिफ़ इकबाल, मंगल नारायण गुप्ता और महामंत्री दिनेश अनुभव कुमार जायसवाल समेत कई प्रमुख व्यापारी मौजूद थे।
व्यापारियों के साथ-साथ लगभग सौ की संख्या में स्थानीय लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और साइबर सुरक्षा के गुर सीखे। उपस्थित लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की जरूरत बताया।





