वाराणसी: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में है। ताजा मामला वाराणसी प्रतिबंधित कोडिंग कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने एक बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को अंजाम दिया है।

गुरुवार को कोर्ट के आदेश के बाद, इस काले धंधे के मुख्य आरोपी और वर्तमान में जेल में बंद भोला जायसवाल की करीब 28 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को कुर्क (Seize) कर लिया गया है।
यह पूरी कार्रवाई एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के कुशल निर्देशन थाना प्रभारी कोतवाली दया शंकर सिंह कि अगुवाई में की गई। वाराणसी प्रतिबंधित कोडिंग कफ सिरप के अवैध कारोबार के जरिए कमाई गई काली संपत्ति पर पुलिस ने शहर के कई इलाकों में एक साथ दबिश दी। पुलिस टीम ने आरोपी द्वारा अवैध रूप से खड़ी की गई इमारतों और संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें सील कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्तियां भोला जायसवाल और उसके परिजनों के नाम पर दर्ज थीं। जब्त की गई संपत्तियों की सूची इस प्रकार है : सिगरा: स्थित केबीएन प्लाजा (KBN Plaza)। गुलाब बाग व बादशाह बाग: कॉलोनी रामकटोरा स्थित आलीशान भवन। प्रहलाद घाट: स्थित अचल संपत्ति। शिवपुर: इलाके में स्थित कई अन्य महत्वपूर्ण भवन।

कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद कड़ा संदेश देते हुए कहा कि, “अवैध रूप से अर्जित की गई इस संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह कोर्ट के निर्देशानुसार की गई है। वाराणसी प्रतिबंधित कोडिंग कफ सिरप के अवैध कारोबार या किसी भी अन्य अपराध से अर्जित संपत्ति पर पुलिस का प्रहार आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।”
जहाँ मुख्य आरोपी भोला जायसवाल वर्तमान में जेल की सलाखों के पीछे अपनी सजा काट रहा है, वहीं पुलिस ने अब उसके बेटे शुभम जायसवाल के खिलाफ भी जांच की रफ्तार तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनके मददगारों पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
इस जबरदस्त कार्रवाई से वाराणसी के नशा तस्करों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अपराध के जरिए बनाई गई किसी भी संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा।



