प्रयागराज: संगम नगरी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने डीएसपी रमेश यादव के निर्देशन में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने सोरांव तहसील में तैनात दो लेखपालों को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन लेखपालों ने अवैध वसूली के लिए बाकायदा एक किराए का कमरा लेकर अपना निजी दफ्तर बना रखा था।

पहली पोस्टिंग और ‘वसूली’ का बड़ा खेल – पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजशेखर (मलाक हरहर) और जूही मिश्रा (महरूडीह) के रूप में हुई है। ये दोनों लेखपाल 2024-25 बैच के हैं और सोरांव तहसील में यह इनकी पहली पोस्टिंग थी। इतनी कम उम्र और नई नौकरी में भ्रष्टाचार के इस संगठित तरीके ने विभाग को भी हैरान कर दिया है।

क्या है पूरा मामला? नवाबगंज के आनापुर निवासी अभयराज यादव ने एंटी करप्शन टीम में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार उनकी पुश्तैनी जमीन पर आख्या (रिपोर्ट) लगाने और निर्माण कार्य न रुकवाने के बदले लेखपाल राजशेखर एक लाख रुपये मांग रहा था। इस काम में लेखपाल जूही मिश्रा भी बराबर की साझेदार थी। दोनों ने शिवपुर मलाका लखनऊ रोड के पास एक कमरा किराए पर लिया था, जहाँ वे सरकारी फाइलों का निपटारा और पैसों का लेनदेन करते थे।

एंटी करप्शन टीम का ‘ट्रैप’ और गिरफ्तारी अभयराज की शिकायत पर इंस्पेक्टर अलाउद्दीन अंसारी के नेतृत्व में 14 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से टीम ने दबिश दी। जैसे ही पीड़ित ने रिश्वत के एक लाख रुपये दिए, टीम ने राजशेखर और जूही मिश्रा को रंगे हाथ दबोच लिया। उनके पास से केमिकल लगे हुए रिश्वत के नोट बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद दोनों को शिवकुटी थाने ले जाया गया, जहाँ उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आरोपियों का प्रोफाइल

    नामपदमूल निवासीबैच
    राजशेखरलेखपाल (मलाक हरहर)जनपद फतेहपुर2024-25
    जूही मिश्रालेखपाल (महरूडीह)जनपद सुल्तानपुर2024-25

    इस कार्रवाई के बाद सोरांव तहसील और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार की शिकायतों के बीच नए लेखपालों का इस तरह संलिप्त होना सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करता है। एंटी करप्शन टीम अब यह जांच कर रही है कि इनके ‘प्राइवेट ऑफिस’ से और कितने लोगों को शिकार बनाया गया है।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *