पूर्व आईपीएस अभिताभ ठाकुर वाराणसी कोर्ट में पेश किए गए। चौक थाने में दर्ज मामले में कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पढ़ें पूरी खबर।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है। ताजा मामले में आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अभिताभ ठाकुर वाराणसी कोर्ट में पेश किए गए। चौक थाने में दर्ज एक मुकदमे के सिलसिले में पुलिस ने उन्हें प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पाण्डेय की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
कोर्ट में हुई तीखी बहस – सुनवाई के दौरान अदालत में गहमागहमी का माहौल रहा। पूर्व आईपीएस अभिताभ ठाकुर वाराणसी कोर्ट में पेश होने के बाद उनके अधिवक्ताओं—अनुज यादव, नरेश यादव और विकास यादव—ने पुलिस की रिमांड अर्जी का कड़ा विरोध किया।
बचाव पक्ष की मुख्य दलीलें :- जिन धाराओं में पुलिस रिमांड मांग रही है, उनमें सजा 7 साल से कम है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, कम सजा वाले मामलों में सीधे गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड पर रोक है। अधिवक्ताओं ने कोर्ट के सामने पुरानी नजीरों का हवाला देते हुए रिमांड को नियम विरुद्ध बताया।
दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि मामला संज्ञेय अपराध से जुड़ा है, इसलिए न्यायिक रिमांड दिया जाना न्यायसंगत है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अमिताभ ठाकुर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।
क्या है पूरा मामला? – यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करने से शुरू हुआ। 9 दिसंबर को बड़ी पियरी निवासी और हिंदू युवा वाहिनी के नेता अम्बरीष सिंह भोला ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप के मुख्य बिंदु : – 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में अम्बरीष सिंह भोला पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के झूठे आरोप लगाए गए। बिना किसी साक्ष्य के उन्हें बहुचर्चित कफ सिरप मामले से जोड़ा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस भ्रामक खबर से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा धक्का लगा है।
इस मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
कड़ी सुरक्षा के बीच देवरिया जेल रवाना – बता दें कि पूर्व आईपीएस अभिताभ ठाकुर वाराणसी कोर्ट में पेश करने के लिए उन्हें गुरुवार को ही जिला जेल (लोकर सेंट्रल जेल) में रखा गया था। शुक्रवार शाम कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने और न्यायिक रिमांड मंजूर होने के तुरंत बाद, पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवरिया जेल के लिए लेकर रवाना हो गई। वाराणसी पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं और सोशल मीडिया साक्ष्यों की जांच कर रही है।







