आजमगढ़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। आरोप है कि पीड़ित को रास्ते में रोककर धमकी दी गई थी। इसी दाैरान पांच लाख रुपये की भी डिमांड की गई थी।
रंगदारी मांगने के मुकदमे की सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह समेत चार आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 22 आशुतोष मणि ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा रंजीत सिंह निवासी धनहुआं चार अक्टूबर 2020 को अपने एक मित्र संजय सिंह के साथ जीयनपुर मोहम्मदाबाद रोड पर थे। तभी लगभग 5:45 बजे जीयनपुर थाना क्षेत्र के चुनुगपुर तिराहे पर रिजवान निवासी समुद्रपुर तथा उसके भाई एहसान, सुरेंद्र यादव निवासी धुसवां थाना जीयनपुर ने वादी रंजीत सिंह और संजय का रास्ता रोक लिया।
रिजवान ने पिस्तौल निकाल कर कहा कि प्रमुख जी उर्फ कुंटू सिंह से बात करो। उनके दुश्मनों के साथ उठना बैठना छोड़कर पांच लाख रुपये की व्यवस्था करो, अन्यथा गोली मार दूंगा। इस मामले में जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया।
अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल चार गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह, सुरेंद्र यादव, रिजवान अहमद तथा एहसान को सभी आरोपों से दोष मुक्त कर दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी कुंटू सिंह को कासगंज जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।





