कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘चौकीदार चोर है’ से शुरू हुई यात्रा अब ‘वोट चोरी’ तक आ पहुंची है, लेकिन लगता है कि इस बार भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जिस ‘तथ्य’ के आधार पर वह यह नैरेटिव फैला रहे थे, उसके जनक सीएसडीएस-लोकनीति के निदेशक संजय कुमार ने खुद अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है और एक तरह से माफी भी मांग ली है।

चुनाव आयोग की कड़ी कार्रवाई – संजय कुमार की इस माफी से भी चुनाव आयोग का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर संजय कुमार के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व कानून और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अगर उन पर चुनावी आंकड़ों में हेराफेरी करके देश को गुमराह करने का आरोप साबित होता है, तो उन्हें सात साल तक की सजा हो सकती है।

दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा भी ‘वोट चोरी’ वाला अपना ट्वीट डिलीट करके मैदान से हट गए हैं। हालांकि, राहुल गांधी बिहार में अब भी इसी नैरेटिव के साथ प्रचार कर रहे हैं।

क्या राहुल गांधी भी मांगेंगे माफी? – यह सवाल उठ रहा है कि क्या राहुल गांधी एक बार फिर ‘चौकीदार चोर है’ की तरह ‘वोट चोरी’ के आरोप पर भी माफी मांगेंगे? जिस तरह से चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है, और संजय कुमार ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं, उससे लगता है कि राहुल के लिए यह राह आसान नहीं होगी।

यह भी मुमकिन है कि कोई आम नागरिक इस मुद्दे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाए। ऐसे में राहुल गांधी को माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ सकता है। चुनाव आयोग के इस कदम को भारत की चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने की कोशिशों के खिलाफ एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि आयोग के इस फैसले से ऐसे शरारती तत्व बाज आएंगे।

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