गाजीपुर में नलकूप कनेक्शन के बदले 8 हजार की रिश्वत लेते जेई इन्द्रजीत कुमार और लाइनमैन प्रमोद यादव को वाराणसी एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। जानें पूरी खबर।
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत वाराणसी की एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। गाजीपुर जनपद के नंदगंज क्षेत्र में रिश्वत लेते जेई व लाइनमैन रंगेहाथ धराये, वाराणसी की एंटी करप्शन की टीम ने किया गिरफ्तार। यह कार्रवाई मंगलवार को उस समय हुई जब बिजली विभाग के ये कर्मचारी एक किसान से नलकूप कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, जनपद गाजीपुर के थाना रामपुर मांझा अंतर्गत पंचदेवरा निवासी शिकायतकर्ता धर्मेन्द्र यादव ने 29 दिसंबर 2025 को एंटी करप्शन टीम को एक प्रार्थना पत्र दिया था। धर्मेन्द्र का आरोप था कि उनके नलकूप (ट्यूबवेल) के लिए बिजली कनेक्शन देने के एवज में विभाग के कर्मचारी पैसों की मांग कर रहे हैं।
शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए, पुलिस उपाधीक्षक रमेश यादव के निर्देशन और निरीक्षक मुकेन्द्र कुमार के नेतृत्व में एक जाल बिछाया गया। मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत भवन कुसुमी कला (कम्पोजिट प्राइमरी विद्यालय के पास) योजना के अनुसार टीम मुस्तैद थी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 8 हजार रुपये की राशि आरोपियों को थमाई, वैसे ही रिश्वत लेते जेई व लाइनमैन रंगेहाथ धराये, वाराणसी की एंटी करप्शन की टीम ने किया गिरफ्तार। गिरफ्तार अभियुक्तों में इन्द्रजीत कुमार (जेई): अवर अभियंता, 33/11 विद्युत उपकेन्द्र नन्दगंज, गाजीपुर (मूल निवासी: चोलापुर, वाराणसी)। प्रमोद यादव (लाइनमैन): संविदा लाइनमैन, नन्दगंज गाजीपुर (मूल निवासी: कोतवाली क्षेत्र, गाजीपुर) शामिल है। एंटी करप्शन टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथासंशोधित 2018) की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है। इस सफल कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को भी दे दी गई है।
इस ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम में निरीक्षक मुकेन्द्र कुमार, नीरज कुमार सिंह, राजेश कुमार यादव, मैतेवर सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार के साथ-साथ संतोष कुमार, विनोद कुमार, अजीत सिंह, अजय कुमार यादव, आदित्य दूबे, विपिन तिवारी, अखिलेश कुमार यादव, विश्वजीत शर्मा और अभिषेक तिवारी शामिल रहे। वाराणसी एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से जिले के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। जनता ने टीम के इस साहसी कदम की सराहना की है।









