💰 दस लाख से अधिक के जेवरात हुए थे बरामद, कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश
अदालत में विपिन सेठ का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, आनंद तिवारी पंकज, नरेश यादव और संदीप यादव ने रखा।
वाराणसी: जवाहर नगर एक्सटेंशन में हुई लाखों की चोरी के एक हाई-प्रोफाइल मामले में सराफा कारोबारी को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) प्रियल शर्मा की अदालत ने खोजवा, भेलूपुर के निवासी सराफा कारोबारी विपिन सेठ को जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें 25-25 हजार रुपये की दो जमानतें और एक बंधपत्र जमा करने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।
यह खबर कारोबारी और उनके परिवार के लिए निश्चित रूप से राहत लेकर आई है। अदालत में विपिन सेठ का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, आनंद तिवारी पंकज, नरेश यादव और संदीप यादव जैसे वकीलों की मजबूत टीम ने रखा।

क्या था मामला? चोरी और बरामदगी की पूरी कहानी – मामला तब सामने आया जब जवाहर नगर एक्सटेंशन निवासी सीमा गिनोडिया ने 22 अक्टूबर 2025 को भेलूपुर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया था कि 18 अक्टूबर को उनके घर में रखी अलमारी की चाभी चुराकर लाखों के जेवर गायब कर दिए गए हैं।
शक की सुई सबसे पहले उनकी पूर्व नौकरानी गुंजा साहनी पर गई। पुलिस ने गुंजा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जल्दी ही गुंजा साहनी, उनके पति आशीष साहनी और फिर उनकी निशानदेही पर सराफा कारोबारी विपिन सेठ को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की यह कार्रवाई बेहद सफल रही, जिसमें चोरी हुए दस लाख रुपये से अधिक के जेवरात बरामद किए गए।
कैसे हुई थी वारदात? पुरानी रंजिश और शातिर प्लान – पूछताछ में गुंजा ने पुलिस को बताया कि वह पहले सीमा के घर काम करती थी, लेकिन बाद में उसे काम से निकाल दिया गया था। उसे यह अच्छी तरह पता था कि जेवर कहाँ रखे जाते हैं।
एक शातिर प्लान के तहत, वह ‘दोबारा काम मांगने’ के बहाने घर पहुंची और बड़ी चालाकी से अलमारी की चाभी चुरा ली। इसके बाद, मात्र पाँच मिनट के भीतर ही उसने सारे गहने समेटे और अपने पति के साथ रफूचक्कर हो गई। बाद में उसके पति ने वे जेवर सराफा कारोबारी विपिन सेठ को बेच दिए थे।
दीपावली की सफाई के दौरान जब सीमा ने दूसरी चाभी से अलमारी खोली, तब जाकर उन्हें चोरी का पता चला और मामला थाने तक पहुंचा था।





