वाराणसी। सारनाथ का 5 पीटल्स गेस्ट हाउस रविवार को सुरों की महफ़िल में तब्दील हो गया। ‘शाम-ए-दोस्ताना’ नाम के इस शानदार संगीत कार्यक्रम में राजस्थान और मध्य प्रदेश के कलाकारों के साथ-साथ वाराणसी के स्थानीय गायकों ने अपने हुनर से ऐसी समां बांधी कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। पुराने फिल्मी गानों की धुन पर दर्शक खुद को झूमने और गाने से रोक नहीं पाए।
नीलिमा प्रभाकर और प्रमोद कुमार द्वारा आयोजित और ‘दोस्ताना ग्रुप’ द्वारा प्रस्तुत इस कार्यक्रम का मक़सद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि संगीत प्रेमियों को बेहतरीन और मंझी हुई गायकी से रूबरू कराना था।
‘स्टारमेकर’ ग्रुप के कलाकारों ने बिखेरा जादू – कार्यक्रम के आयोजक प्रमोद कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम ‘स्टारमेकर’ ऐप पर बने ‘दोस्ताना ग्रुप’ के प्रतिभाशाली गायकों का एक मिलन था। जैसलमेर, राजस्थान से आए लीलाधर दैया ने “बड़ी दूर से आए हैं, प्यार का तोहफा लाए हैं” और “खईके पान बनारस वाला” जैसे गानों से दर्शकों का दिल जीत लिया। वाराणसी की नीलिमा प्रभाकर ने “आइये मेहरबां” और “कोरा कागज था ये मन मेरा” गाकर महफ़िल में चार चाँद लगा दिए।

इसके अलावा, जेपी व्यास, उमाशंकर पंवार, मोहित पाराशर, जगदीश सुधार, बीना गौतम, वर्षा ठाकुर, रीना गिरी और गीतांजलि आंजने जैसे कलाकारों ने भी अपने एकल और युगल गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
युगल और त्रिकोण गायकी का जलवा – कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण युगल और त्रिकोण गायकी रही। लीलाधर दैया और जेपी व्यास की जोड़ी ने “ये माना मेरी जान” और “भंवरे ने खिलाया फूल” जैसे गानों से लोगों को खूब झुमाया। वहीं, लीलाधर दैया-नीलिमा प्रभाकर की जोड़ी ने “प्यार करने वाले कभी डरते नहीं” और “दिल की ये आरजू थी कोई” जैसे सदाबहार गानों से दिलों को छू लिया।
त्रिकोण गायकी में लीलाधर दैया-जेपी व्यास-नीलिमा प्रभाकर की तिकड़ी ने “मोहब्बत बड़े काम की चीज़ है” और “सो गया ये जहां” गाकर एक नया रंग भर दिया। ‘संदेशे आते हैं’ जैसे देशभक्ति गानों ने माहौल को और भी भावुक बना दिया।
अतिथियों ने की जमकर तारीफ – कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद् सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कहा कि “संगीत मां सरस्वती की एक तपस्या है।” उन्होंने ‘दोस्ताना ग्रुप’ के सभी गायकों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने सुरों को बहुत खूबसूरती से साधा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पुष्पा और सुभाषचंद्र यादव ने कहा कि इस तरह के आयोजन से संगीत को बढ़ावा मिलेगा। रोटरी क्लब के चेयरमैन देवेश कुमार लाल ने इसे “अविश्वसनीय और अद्भुत” बताया और भविष्य में ऐसे कलाकारों को मंच देने का वादा किया।
इस यादगार शाम का सफल संचालन बीना गौतम और प्रमोद कुमार ने किया। यह आयोजन न सिर्फ़ गायकों के हुनर का प्रदर्शन था, बल्कि संगीत के प्रति उनके जुनून और समर्पण का भी प्रतीक था।




