सावन का महीना शुरू हो चुका है और काशी में हर हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। इस साल सावन में 1.5 करोड़ से ज्यादा शिवभक्तों के बनारस आने की उम्मीद है। इतनी बड़ी भीड़ में अगर आप भी बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपनी यात्रा को बेहद आसान और सुखद बना सकते हैं।
यह आर्टिकल आपको बताएगा कि शहर में कहां जाना है, क्या नहीं करना है, और किन सुविधाओं का लाभ उठाना है।
मंदिर परिसर में प्रवेश और सुविधाएं – नो व्हीकल जोन: काशी विश्वनाथ मंदिर के 2 किलोमीटर के दायरे में, यानी मैदागिन से गोदौलिया तक, सावन के महीने में गाड़ियों की एंट्री बंद रहेगी। आप यहां 18 गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो बिलकुल मुफ्त हैं।
प्रवेश द्वार: श्रद्धालुओं के लिए 6 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से ललिता घाट वाला गेट फिलहाल बंद रहेगा।
लाइन में लगने का समय: भीड़ के कारण दर्शन में 5 से 6 घंटे तक का समय लग सकता है। इसलिए लाइन में खाली पेट न लगें।
मंदिर के अंदर क्या मिलेगा: मंदिर परिसर के अंदर पीने का पानी, ग्लूकोज, गुड़, चॉकलेट और बिस्किट की सुविधा मिलेगी। छोटे बच्चों के लिए दूध का इंतजाम भी किया गया है।
क्या न लाएं: मंदिर में मोबाइल, बैग, पेन, या किसी भी तरह की धातु की चीजें ले जाना मना है। ये सब अपने होटल या धर्मशाला में ही छोड़ कर आएं। भीड़ की वजह से इस बार निशुल्क लॉकर की सुविधा नहीं मिलेगी।
धोखे से बचें: सावन में स्पर्श दर्शन, विशेष दर्शन या प्रोटोकॉल की सुविधा नहीं होगी। अगर कोई आपसे दर्शन कराने के नाम पर पैसा मांगता है, तो तुरंत पुलिस या मंदिर कर्मचारियों से शिकायत करें।
आसपास की यात्रा और अन्य जानकारी – पार्किंग व्यवस्था: अगर आप अपनी गाड़ी से आ रहे हैं, तो शहर से बाहर करीब 30 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इनमें मुड़ैला, एफसीआई गोदाम, लहरतारा रेलवे स्टेडियम, और काशी विद्यापीठ जैसे स्थान शामिल हैं।
हेल्थ डेस्क: आपकी सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 5 हेल्थ डेस्क बनाई गई हैं, जहां डॉक्टरों की टीम 24 घंटे मौजूद रहेगी।
खोया-पाया केंद्र: अगर आपका कोई साथी या बच्चा भीड़ में बिछड़ जाए, तो मंदिर परिसर और घाटों पर बने 6 खोया-पाया केंद्रों से मदद ले सकते हैं।
गंगा आरती: रोज शाम को दशाश्वमेध, अस्सी और केदार घाट पर गंगा आरती होती है। बाढ़ के कारण आरती प्रतीकात्मक होगी, लेकिन आप इसका हिस्सा बन सकते हैं। अगर आप सामने बैठना चाहते हैं, तो शाम 4:30 बजे तक पहुंच जाएं।
आरती और डिजिटल दर्शन – विश्वनाथ मंदिर में होने वाली चारों प्रहर की आरती के टिकट सावन के लिए पहले ही बुक हो चुके हैं। लेकिन अगर आप आरती का अनुभव लेना चाहते हैं, तो स्मार्ट सिटी के सहयोग से शहर के मुख्य चौराहों और मंदिर परिसर में डिजिटल स्क्रीन पर आरती देख सकते हैं। इसके अलावा आप श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी ऑनलाइन लाइव दर्शन कर सकते हैं।
घूमने की जगहें और होटल बुकिंग – काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद अगर आप आसपास घूमना चाहें, तो कालभैरव, संकटमोचन मंदिर, बीएचयू का विश्वनाथ मंदिर, सारनाथ और दशाश्वमेध घाट जा सकते हैं।
सावन में मंदिर के पास होटल मिलना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अपनी बुकिंग पहले से ही करवा लें। आप चौक, गोदौलिया, दशाश्वमेध, लंका और शिवपुर जैसे क्षेत्रों में ऑनलाइन होटल बुक कर सकते हैं। इन जगहों से मंदिर तक आने-जाने के कई साधन उपलब्ध हैं।





