वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक पत्नी ने अपने शराबी और अत्याचारी पति की लोहे के बट्टे से वार कर हत्या कर दी। यह घटना घरेलू हिंसा और महिला पर हुए वर्षों के अत्याचार का एक भयावह अंत है। वाराणसी पुलिस कमिशनरेट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, आरोपी महिला को आला-ए-कत्ल (हत्या में इस्तेमाल हथियार) के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

विवशता की कहानी: बच्चों और खुद को बचाने के लिए उठाया खौफनाक कदम – गिरफ्तार अभियुक्ता की उम्र लगभग 35 वर्ष है। उसने पूछताछ में बताया कि उसकी शादी मृतक से 2014 में हुई थी और उनके दो छोटे बच्चे—एक 8 साल की बेटी और एक 5 साल का बेटा—हैं।

महिला ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही उसका पति शराबी और नशेड़ी था, जो आए दिन उसे और बच्चों को गाली-गलौज और मारपीट से प्रताड़ित करता था। एक नौकरी में होने के बावजूद वह न तो उनकी परवाह करता था और न ही कोई जिम्मेदारी निभाता था।

अभियुक्ता ने पुलिस के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “मैं किसी तरह से तिल-तिल कर जिन्दगी जी रही थी। वह मुझे, मेरे बच्चों को परिवार और रिश्तेदारों के सामने भी जलील करता था। मुझे लगने लगा था कि यह किसी भी समय मुझे और मेरे बच्चों को मार देगा।” वर्षों की यह मानसिक और शारीरिक यंत्रणा ही इस खौफनाक कदम की वजह बनी।

वारदात की रात दिनांक 01/02.10.2025 की रात, जब पति शराब के नशे में आगे वाले कमरे में सो रहा था और बच्चे पीछे वाले कमरे में थे, तब महिला ने लोहे के बट्टे से उसके सिर पर प्रहार किया। महिला के अनुसार, पहले वार के बाद पति उठ गया और फिर से गाली-गलौज करते हुए उसे जान से मारने की धमकी देने लगा।

इसी जुनून और आत्मरक्षा की भावना में महिला ने लोहे के बट्टे से लगातार उसके सिर पर वार किए। जब वह बिस्तर पर गिर गया, तो उसने सुनिश्चित किया कि वह ज़िंदा न बचे। हत्या के बाद उसने बट्टे को दीवार की आलमारी में छिपा दिया।

पुलिस की कार्रवाई – इस घटना की जानकारी दिनांक 03/10/2025 को आवेदिका (मृतक की बहन) द्वारा सिगरा थाने को दी गई, जिसके बाद मु0अ0सं0-0389/2025 धारा-103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देशों पर, सिगरा पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए, दिनांक 04/10/2025 को अभियुक्ता को आन्ध्रापुल के पास मीट मार्केट से आगे सड़क के किनारे, थाना कैन्ट क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्ता की निशानदेही पर आला-ए-कत्ल, यानी लोहे का बट्टा (जिसे खल के साथ प्रयोग किया जाता है) भी बरामद कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि इस संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। यह मामला सिर्फ हत्या का नहीं, बल्कि एक महिला की टूटी हुई हिम्मत और वर्षों के अत्याचार का परिणाम है, जो समाज के सामने घरेलू हिंसा की गंभीर चुनौती को फिर से खड़ा करता है।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में संजय कुमार, प्रभारी निरीक्षक, उ0नि0 प्रशान्त शिवहरे, म०उ०नि० कुसुम, हे0का0 अनन्त कुमार, हे0का0 उमेश चन्द्र, का० आशीष, का० मन्तोष शामिल थे।

    (Disclaimer: यह लेख पुलिस द्वारा जारी सूचना और अभियुक्ता के बयान पर आधारित है। अंतिम निर्णय माननीय न्यायालय का होगा।)

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