वाराणसी (BM Breaking News): पुलिस आयुक्त वाराणसी के कुशल निर्देशन और नमिता श्रीवास्तव (अपर पुलिस उपायुक्त, महिला अपराध) के पर्यवेक्षण में वाराणसी कमिश्नरेट के युवाओं के लिए एक शानदार पहल की जा रही है। Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme 3.0 के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को न केवल पुलिसिंग की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, बल्कि उन्हें भविष्य की करियर राहें भी दिखाई जा रही हैं।

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देशन में चलाया जा रहा यह Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme 3.0 कमिश्नरेट वाराणसी के कुल 18 थानों पर संचालित हो रहा है। 14 जनवरी 2026 से शुरू हुई यह 30 दिवसीय अनुभवात्मक सिखलायी (Experiential Learning) छात्रों के संज्ञानात्मक (Cognitive) और लोक कौशल (People Skill) में सुधार करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई है।

इस कार्यक्रम के दौरान छात्र इन्टर्न के रूप में निम्नलिखित विषयों कानून व आपराधिक प्रक्रिया, आपराधिक अनुसंधान (Investigation), यातायात नियंत्रण, साइबर क्राइम और मानव तस्करी, कानून-व्यवस्था बनाए रखना पर प्रशिक्षण ले रहे हैं।

आज दिनांक 10.02.2026 को यातायात सभागार, कमिश्नरेट वाराणसी में एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त मानसी ददिया (IPS) ने छात्र-छात्राओं को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की चयन प्रक्रिया, परीक्षा के चरणों और तैयारी की बारीकियों से अवगत कराया।

कार्यक्रम के दौरान उप निरीक्षक हिमांशु त्रिपाठी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि किसी के साथ साइबर फ्रॉड होता है, तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

साइबर सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण टिप्स – डिजिटल अरेस्ट से सावधान: पुलिस, CBI या कस्टम के नाम पर आने वाली ब्लैकमेलिंग कॉल्स से न डरें। अंजान लिंक: किसी भी संदिग्ध लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें। गूगल सर्च: कस्टमर केयर नंबरों पर बिना जांचे विश्वास न करें। सोशल मीडिया प्राइवेसी: टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें और अंजान लोगों से निजी जानकारी साझा न करें।

Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme 3.0 के तहत प्रत्येक छात्र को कुल 120 घंटे (प्रतिदिन 4 घंटे) की ट्रेनिंग पूरी करनी है। इन सभी का पंजीकरण mybharat.gov.in पोर्टल पर कराया गया है। प्रत्येक चयनित थाने पर एक उप निरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जो उनके भविष्य के करियर में मील का पत्थर साबित होगा।

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