प्रयागराज: उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) को प्रयागराज में एक बड़ी कामयाबी मिली है। झारखंड के कुख्यात माफिया और 4 लाख रुपये के इनामी बदमाश आशीष रंजन सिंह उर्फ छोटू सिंह को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया है। यह बदमाश कई संगीन मामलों में वांछित था और लंबे समय से पुलिस की तलाश में था।
कैसे हुई मुठभेड़? – एसटीएफ प्रयागराज यूनिट को सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी आशीष रंजन शंकरगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम जिसमें अधिकारी जेपी राय, प्रभंजन और रोहित सिंह शामिल थे, मौके पर पहुंची। जब टीम ने बदमाश को घेरने की कोशिश की, तो उसने अचानक अपनी एके-47 राइफल से पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले में एसटीएफ के जवान बाल-बाल बचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर चली इस मुठभेड़ में बदमाश को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने घायल आशीष रंजन को तुरंत शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बदमाश के पास से क्या-क्या मिला? – पुलिस ने मारे गए बदमाश के कब्जे से एक एके-47 राइफल, एक 9 एमएम पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और खोखे, और एक बाइक बरामद की है।
कौन था आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह? – आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह झारखंड और बिहार का एक कुख्यात अपराधी था। उस पर कई चर्चित हत्याकांड, रंगदारी और जानलेवा हमले के मामले दर्ज थे। वह धनबाद का रहने वाला था और जेल में बंद होने के बाद भी अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह यूपी और बिहार में सक्रिय था।
उस पर 12 मई 2021 को धनबाद के वासेपुर में जमीन कारोबारी सरफुल हसन की हत्या का आरोप था। इसके अलावा, झरिया के टायर व्यवसायी रंजीत सिंह की हत्या में भी वह आरोपी था।
सबसे सनसनीखेज मामला गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या का था। 3 दिसंबर 2023 को धनबाद जेल में अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आशीष रंजन ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल कर इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बाद में गिरफ्तार हुए आरोपियों ने भी पुलिस को बताया था कि अमन की हत्या आशीष रंजन के इशारे पर की गई थी। इस मुठभेड़ में आशीष रंजन के मारे जाने से पुलिस ने एक बड़े अपराधी के गिरोह का खात्मा कर दिया है।





