Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme 3.0 के अंतर्गत वाराणसी कमिश्नरेट के 18 थानों पर छात्रों को पुलिसिंग की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जानिए कैसे यह 30 दिवसीय अभियान युवाओं के लोक कौशल और समझ को विकसित कर रहा है।

वाराणसी। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देशन में युवाओं को सशक्त बनाने के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। Student Police Experiential Learning (SPEL) Programme 3.0 के माध्यम से कमिश्नरेट वाराणसी के 18 थानों पर 30 दिवसीय अनुभवात्मक सिखलाई (Experiential Learning) का आयोजन किया जा रहा है, जो 14 जनवरी 2026 से निरंतर जारी है।

इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य छात्र-छात्राओं की संज्ञानात्मक (Cognitive) क्षमता और लोक कौशल (People Skill) में सुधार करना है। Student Police Experiential Learning के तहत छात्र पुलिस के साथ एक ‘इंटर्न’ के रूप में जुड़कर निम्नलिखित विषयों पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं आपराधिक अनुसंधान और कानून की प्रक्रिया। यातायात नियंत्रण और साइबर क्राइम की चुनौतियां। मानव तस्करी रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना।

इस अभियान के तहत प्रत्येक छात्र को कुल 120 घंटों की सिखलाई दी जा रही है। यह कोर्स प्रतिदिन 4 घंटे के आधार पर 30 दिनों में पूर्ण होगा। Student Police Experiential Learning कार्यक्रम की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी प्रतिभागियों का पंजीकरण mybharat.gov.in पोर्टल पर कराया गया है।

विशेष: चयनित 18 थानों पर एक-एक उप निरीक्षक (SI) को नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जो सीधे तौर पर 2 से 10 छात्रों के समूह को गाइड कर रहे हैं। कोर्स पूरा होने पर छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।

14 फरवरी 2026 को Student Police Experiential Learning के तहत एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) के जनसुनवाई कक्ष में बैठकर देखा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जनता की समस्याओं को कैसे सुनते और सुलझाते हैं।

इसके बाद छात्रों ने पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का भ्रमण किया। उन्होंने रिजर्व पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में चल रहे महिला आरक्षी प्रशिक्षण को भी देखा। आरटीसी प्रभारी उप निरीक्षक सन्तराज ने छात्रों को समझाया कि प्रशिक्षण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पुलिस जीवन की नींव है।

Student Police Experiential Learning का एक बड़ा पहलू यह भी है कि युवा यह समझ सकें कि पुलिस किन कठिन परिस्थितियों और तनाव में काम करती है। कैसे पुलिसकर्मी भारी दबाव के बावजूद जनता से अच्छा व्यवहार करते हैं? समय प्रबंधन (Time Management) के साथ ड्यूटी का निर्वहन कैसे होता है? पुलिस की स्थिति और परिस्थिति को समझने से समाज और पुलिस के बीच की दूरी कम होगी।

अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) कमिश्नरेट वाराणसी के नेतृत्व में चल रहा यह Student Police Experiential Learning कार्यक्रम छात्रों की प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। इससे न केवल युवाओं का व्यक्तित्व विकास हो रहा है, बल्कि वे एक जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर हैं।

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