बलिया/बक्सर: जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश के बलिया और बिहार के बक्सर जिलों में गंगा नदी की बाढ़ से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ इसी बाढ़ के बीच एक अनोखी और यादगार शादी देखने को मिली। इस शादी ने साबित कर दिया कि जब हौसला बुलंद हो तो कोई भी मुश्किल रास्ते में नहीं आ सकती।

दरअसल, यह कहानी है बक्सर के सिमरी दियारा क्षेत्र के लाल डेरा गांव के रहने वाले राजेश कुमार की। राजेश की शादी बलिया के बेयासी गांव में तय थी और सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। लेकिन तभी गंगा नदी में उफान आ गया और बाढ़ का पानी हर तरफ फैल गया, जिससे सड़क मार्ग पूरी तरह से डूब गया। शादी की तारीख पहले से तय होने के कारण इसे टालना या रद्द करना मुश्किल था।

ऐसे में राजेश और उनके परिवार ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। उन्होंने सड़क के बजाय नाव से बारात निकालने का फैसला किया। मंगलवार को दूल्हा राजेश और उनके बाराती नाव पर सवार होकर दुल्हन के घर के लिए निकल पड़े।

मोबाइल में कैद हुआ यादगार नजारा जब गंगौली गांव के पास लोगों ने सजी-धजी नाव पर दूल्हे को देखा, तो वे हैरान रह गए। दूल्हा पारंपरिक पोशाक और साफा पहनकर नाव पर बैठा था और बाराती भी पूरे जोश में थे। इस बारात में भले ही डीजे या बैंड-बाजा नहीं था, लेकिन गंगा की लहरों की थपकी और बरातियों की तालियों ने माहौल को खास बना दिया।

ग्रामीणों ने इस अनोखे नजारे को अपने मोबाइल फोन में कैद किया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। देखते ही देखते यह बारात इलाके में चर्चा का विषय बन गई। दूल्हे के पिता कमलेश राम ने बताया कि शादी की तारीख तय थी और इसे रद्द करना संभव नहीं था। इसलिए, हमने नाव से बारात ले जाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि गंगा मैया की लहरों ने हमारी बारात को और भी यादगार बना दिया है।

यह अनोखी शादी उन लोगों के लिए एक मिसाल बन गई है जो मुश्किलों के सामने हार मान लेते हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ करने का जुनून हो तो हर बाधा पार की जा सकती है।

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