वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या। आरोपी मंजीत चौहान फरार, पुलिस ने बरामद की पिस्टल। जानें पूरी घटना और सुरक्षा पर उठते सवाल।
वाराणसी – शहर के चर्चित यूपी कॉलेज परिसर में एक बार फिर दिनदहाड़े गोलियां चलने से सनसनी फैल गई। शुक्रवार की सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई जब बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की प्रशासनिक भवन के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दुस्साहसिक वारदात ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर ने सूर्य प्रताप सिंह को निशाना बनाते हुए 5 से 6 राउंड फायरिंग की। गोलियां छात्र के सिर और कमर में लगीं, जिससे वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना के वक्त कॉलेज में मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
साथी छात्रों ने तुरंत घायल सूर्य प्रताप को बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचाया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक सूर्य प्रताप सिंह मूल रूप से गाजीपुर जनपद का निवासी था और कॉलेज हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था।
पुलिस की शुरुआती जांच में हमलावर की पहचान मंजीत चौहान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मंजीत भी यूपी कॉलेज का ही छात्र है और शिवपुर थाना क्षेत्र के चांदमारी इलाके का रहने वाला है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी एक मंजिला छत से कूदकर भागने में सफल रहा। पुलिस ने कैंपस में तलाशी के दौरान कूड़े के ढेर से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किया है।
घटना की खबर फैलते ही छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का सीधा आरोप है कि प्रिंसिपल के सामने ही खुलेआम फायरिंग हुई, जो कैंपस की लचर सुरक्षा व्यवस्था का प्रमाण है।
“यूपी कॉलेज में इससे पहले भी हिंसक झड़पें और गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कभी ठोस कदम नहीं उठाए। आज एक होनहार छात्र की जान चली गई, इसका जिम्मेदार कौन है?” — एक प्रदर्शनकारी छात्र।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) और अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वर्तमान में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए करीब 10 थानों की फोर्स को कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में तैनात किया गया है। SOG टीम: मंजीत की गिरफ्तारी के लिए एसओजी समेत कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। CCTV फुटेज: पुलिस कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर के भागने के रास्ते का सटीक पता लगाया जा सके। समाचार दिये जाने तक घटना के कारणों कि जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी थी।
यूपी कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में बार-बार हो रही हिंसक घटनाओं ने न सिर्फ छात्रों बल्कि अभिभावकों के मन में भी डर पैदा कर दिया है। शिक्षा के मंदिर में असलहों का पहुंचना और दिनदहाड़े हत्या हो जाना वाराणसी की कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।





