वाराणसी, उत्तर प्रदेश: न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और तेज बनाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में, आज यानी 23 अगस्त 2025 को पुलिस कार्यालय बाबातपुर में पुलिस उपायुक्त, गोमती ज़ोन ने सभी थानों के न्यायालय पैरोकारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और उसमें लगने वाले समय को कम करना था।
बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा – पुलिस उपायुक्त ने इस बैठक में सभी थानों के न्यायालय पैरवी रजिस्टर और कॉज लिस्ट रजिस्टर की गहनता से जाँच की। इस दौरान पैरोकारों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात करने का मौका मिला।
बैठक में जिन मुख्य समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, वे थीं:
- पेशेवर अपराधियों की कोर्ट में समय से हाजिरी सुनिश्चित करना।
- अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने में आने वाली बाधाएँ।
- कोर्ट की तारीखों में होने वाली देरी।
- ट्रायल प्रक्रिया में लगने वाला अधिक समय।
इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया और इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी।
‘गवाहों की उपस्थिति रजिस्टर’ बनाने का निर्देश – न्यायिक कार्यवाही को गति देने के लिए पुलिस उपायुक्त महोदय ने एक अहम निर्देश दिया। उन्होंने सभी पैरोकारों को एक नया ‘गवाहों की उपस्थिति रजिस्टर’ बनाने का आदेश दिया। इस रजिस्टर में हर सुनवाई में गवाहों की उपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस कदम से ट्रायल की गति को और तेज करने में मदद मिलेगी।
बैठक के अंत में, सभी पैरोकारों को उनके काम को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावशाली ढंग से करने के लिए जरूरी दिशानिर्देश दिए गए, ताकि आपराधिक मामलों में न्याय में होने वाली देरी को कम किया जा सके।




