वाराणसी के लहरतारा से कानपुर तक फैला काला जाल, एसटीएफ ने किया बड़ा खुलासा
कानपुर: किस्मत चमकाने का झांसा देकर लोगों को चूना लगाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश यूपी एसटीएफ ने किया है। वाराणसी के मूल निवासी दो सगे भाई, जो लंबे समय से कानपुर को अपना अड्डा बनाकर नकली लॉटरी का काला कारोबार चला रहे थे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
वाराणसी के लहरतारा से कानपुर तक फैला काला जाल – जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रजत केशरी और किशन केशरी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से वाराणसी के लहरतारा इलाके के रहने वाले हैं। इन दोनों भाइयों ने पैसे कमाने के लालच में अपराध का रास्ता चुना और कानपुर में नकली लॉटरी का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था।

बताया जा रहा है कि ये दोनों भाई भोले-भाले लोगों को बड़े इनामों का सपना दिखाकर लॉटरी के नाम पर ठगी करते थे। इनके इस अवैध कारोबार की खबर जब यूपी एसटीएफ (UP STF) तक पहुंची, तो टीम ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की और जाल बिछाकर दोनों को धर दबोचा।
एसटीएफ ने किया बड़ा खुलासा – यूपी एसटीएफ ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लोगों को फंसाता था। दोनों भाई फर्जी लॉटरी टिकटों और स्कीमों के जरिए अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके थे।
एसटीएफ की टीम ने इनके पास से नकली लॉटरी से जुड़े कई दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और भारी मात्रा में नकदी भी बरामद की है। यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि अपराधी कहीं भी छिपकर रहें, कानून के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं।

धोखाधड़ी से सावधान! – यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि झटपट अमीर बनने के लालच में लोग कैसे जालसाजों का शिकार बन जाते हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की लॉटरी या स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य कर लें।
फिलहाल, एसटीएफ दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि इस रैकेट से जुड़े बाकी सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके। देखना होगा कि इस जांच में और कितने बड़े खुलासे होते हैं।






