इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और संदीप यादव ने की
वाराणसी: असलहा तस्करी के मामले में जेल गए एक आरोपित को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (तृतीय) श्रीकांत गौरव की अदालत ने कोइरीपुर खुर्द, बड़ागांव निवासी प्रशांत सिंह उर्फ अखिलेश सिंह को 20-20 हजार रुपए की दो जमानतों और एक बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
इस मामले में प्रशांत सिंह की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और संदीप यादव ने की।
जानिए क्या था पूरा मामला – यह घटना 24 अगस्त 2025 की है, जब लंका पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो असलहा तस्कर टिकरी गांव आने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर लंका के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और चौकी प्रभारी रमना नवीन चतुर्वेदी ने वाहनों की चेकिंग शुरू की।
चेकिंग के दौरान पुलिस को सड़क किनारे खड़ी एक कार पर शक हुआ। जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो उसमें दो युवक मिले। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम हिमांशु मिश्रा (नारायणपुर काजीसराय, बड़ागांव) और प्रशांत सिंह उर्फ अखिलेश सिंह (कोइरीपुर खुर्द, बड़ागांव) बताया।
तलाशी में हिमांशु के पास से 315 बोर का तमंचा मिला, जबकि प्रशांत सिंह के पास से लोडेड मैगजीन के साथ एक पिस्टल, एक खाली मैगजीन और 600 रुपए बरामद हुए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे बिहार से असलहा खरीदकर लाते हैं और फिर वाराणसी में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।
इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था, लेकिन अब कोर्ट से प्रशांत सिंह को जमानत मिल गई है।
डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ सूचना के उद्देश्य से है और इस मामले की अंतिम सुनवाई अभी बाकी है।




