बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, चंद्रबली पटेल, संदीप यादव और शिवम मिश्रा ने दलीलें पेश की
वाराणसी। पूर्वांचल में बिहार के मुंगेर से अवैध हथियारों की तस्करी के सनसनीखेज मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रथम) अवधेश कुमार की अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी, मुंगेर निवासी गोविंद साव, को एक बड़ी राहत देते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि यदि पुलिस गोविंद साव को गिरफ्तार करती है, तो उसे 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें और इतनी ही राशि का एक निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा कर दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ आपराधिक मामलों के अधिवक्ता अनुज यादव, चंद्रबली पटेल, संदीप यादव और शिवम मिश्रा ने जोरदार दलीलें पेश कीं, जिसके बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
क्या था पूरा मामला? – आपको बता दें कि यह मामला उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की एक बड़ी कार्रवाई से जुड़ा है। एसटीएफ के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह को खुफिया जानकारी मिली थी कि बिहार के मुंगेर में बने फैक्ट्री-मेड पिस्टल अवैध रूप से वाराणसी और गोरखपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में बेचे जा रहे हैं।
इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, 17 जुलाई 2025 को एसटीएफ को एक और अहम जानकारी मिली। पता चला कि पहले भी जेल की हवा खा चुका समर बहादुर सिंह, मुंगेर से तस्करी कर लाए गए अवैध असलहों की एक खेप के साथ मौजूद है।
इस पुख्ता जानकारी के आधार पर एसटीएफ की टीम ने वाराणसी के बावन बीघा रिंग रोड के पास जाल बिछाया। टीम ने घेराबंदी कर एक संदिग्ध गाड़ी को रोका। गाड़ी में दो लोग सवार थे, जिनकी पहचान समर बहादुर सिंह और भोला कुमार के रूप में हुई। जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो टीम के होश उड़ गए। गाड़ी में रखे एक झोले से 4 पिस्टल बरामद हुईं, जिनमें मैगजीन लगी हुई थी। इसके अलावा 3 अतिरिक्त मैगजीन भी मिलीं।
पूछताछ में हुआ था गोविंद साव के नाम का खुलासा – गिरफ्तारी के बाद जब एसटीएफ ने दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। उन्होंने कबूल किया कि ये अत्याधुनिक पिस्टल उन्हें बिहार के मुंगेर में रहने वाले गोविंद साव ने बेचे थे। इसी बयान के आधार पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में समर बहादुर सिंह और भोला कुमार के साथ-साथ गोविंद साव को भी आरोपी बनाते हुए मुकदमा दर्ज किया गया था। अब इसी मामले में मुख्य सप्लायर माने जा रहे गोविंद साव को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है।





