वाराणसी। काशी जोन पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए रविवार को तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मामला 4 करोड़ 88 लाख रुपये के गबन से जुड़ा है, जिसमें कैंसिल चेक पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर रामकटोरा स्थित यस बैंक (Yes Bank) के कर्मचारियों ने ही ग्राहक के पैसे उड़ा दिए थे।

बैंक कर्मचारी ही निकले जालसाज – यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल और अपर पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी. के निर्देशन में चेतगंज पुलिस ने की। सहायक पुलिस आयुक्त चेतगंज डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में बनी टीम ने रविवार को इन वांछित अभियुक्तों को चेतगंज क्षेत्र से धर दबोचा।
चेतगंज थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला ने सोमवार को मीडिया के सामने खुलासा करते हुए बताया कि:
“आवेदक ने 31 मार्च 2025 को थाना चेतगंज में शिकायत दर्ज कराई थी कि यस बैंक के कर्मचारियों ने उनके कैंसिल चेक का दुरुपयोग करते हुए फर्जी हस्ताक्षर बनाए और उनके खाते से कुल 4 करोड़ 88 लाख रुपये निकाल लिए।”
यह धोखाधड़ी उस समय कार्यरत रहे बैंक कर्मचारियों ने ही की थी।

इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इनके नाम इस प्रकार हैं: मनदीप सिंह: (पुत्र नरेंद्र पाल सिंह, निवासी मडियाहू, जौनपुर)। यह अभियुक्त वर्तमान में यस बैंक, सिगरा, वाराणसी में डीबीएम (DBM) के पद पर नियुक्त था। हिमांशु शुक्ला: (पुत्र अशोक कुमार शुक्ला, निवासी वीरपुर, प्रयागराज)।हिमांशु सिंह: (पुत्र देव कुमार सिंह, निवासी करनौल, चंदौली)।
क्या हुई कानूनी कार्रवाई? – पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (जैसे 316(5), 318(4), 338, 336 (3), 342(1), 344, 61(2) बीएनएस) के तहत मुकदमा दर्ज किया है और विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है।

यह गिरफ्तारी शहर में चोरी, लूट और धोखाधड़ी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रणजीत कुमार श्रीवास्तव, हेड कांस्टेबल नरेंद्र तिवारी आदि शामिल रहे।




