वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। कैंट पुलिस ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत चलाए जा रहे अभियान में छह साल से फरार चल रहे 25,000 रुपये के इनामी अपराधी धर्मेंद्र राजभर को गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी पुलिस आयुक्त के निर्देश पर और पुलिस उपायुक्त (वरुणा जोन), अपर पुलिस उपायुक्त (वरुणा जोन) और सहायक पुलिस आयुक्त (सर्किल कैंट) के पर्यवेक्षण में की गई। कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक की टीम ने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया।
गिरफ्तार अपराधी की पहचान धर्मेंद्र राजभर (उम्र 25 वर्ष), पुत्र हरिकिशुन राजभर, निवासी खजुरा, थाना सैदपुर, जनपद गाजीपुर के रूप में हुई है।
धर्मेंद्र पर पहले से ही एक गंभीर मामला दर्ज है। उसके खिलाफ मुकदमा संख्या 1179/2019 के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराएं (379/411/413/414/419/420/467/468) लगी हुई हैं, जो चोरी, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित हैं।
पुलिस टीम ने धर्मेंद्र को 29 अगस्त 2025 को दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 9 के सामने से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, अपराधी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, लेकिन ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत की गई सघन चेकिंग और घेराबंदी ने उसे भागने का कोई मौका नहीं दिया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र (थाना कैंट), उप-निरीक्षक जमुना प्रसाद तिवारी, महिला उप-निरीक्षक दीक्षा पाण्डेय, हेड कांस्टेबल नाहर कांत, कांस्टेबल आशीष मिश्रा, कांस्टेबल अनुज कुमार शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी को वाराणसी पुलिस की अपराध पर लगाम लगाने की प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है।




