वाराणसी: सिगरा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो ऐसे शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मदद का नाटक कर एक घायल व्यक्ति से लाखों रुपए की सोने की चेन लूट ली थी। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई करीब 3.5 लाख रुपए की दो सोने की चेन और 150 रुपए नकद बरामद किए हैं।
क्या था मामला? – बीते 18 अगस्त 2025 को एक व्यक्ति ने सिगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 17-18 अगस्त की रात करीब 11:50 बजे से 1 बजे के बीच लैंडमार्क होटल के पास उसकी स्कूटी का एक्सीडेंट हो गया था। इस हादसे में उसके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लगी थी।
इसी दौरान, 22 से 26 साल की उम्र के दो युवक वहां आए और मदद करने का झांसा दिया। चूंकि वह स्कूटी चलाने की हालत में नहीं था, उन्होंने उसे अपने बीच में बैठाया और महमूरगंज आकाशवाणी वाले रास्ते पर ले गए। आरबीएल बैंक के सामने, उन दोनों ने अचानक उस पर हमला कर दिया और गले में पहनी हुई करीब 30 ग्राम वजनी दो सोने की चेन छीनकर भाग गए। इन दोनों चेनों की कीमत लगभग 3.5 लाख रुपए थी। घायल होने के कारण वह उनका पीछा नहीं कर पाया और इस घटना की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी – पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, सिगरा पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने लुटेरों की तलाश शुरू की।
पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अपनी पहचान राजकुमार चंद्रवंशी (20) और प्रिंस वर्मा (18) के रूप में बताई। उन्होंने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे सोने की चेन बेचने की फिराक में थे और रेलवे कॉलोनी (अमूल डेयरी) के पास आए थे, तभी उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजकुमार चंद्रवंशी पुत्र छोटेलाल, महमूरगंज, तुलसीपुर जक्खा, वाराणसी। प्रिंस वर्मा पुत्र विजय कुमार, स्थायी पता- भिखेपुर, गाजीपुर, हाल पता- बड़ी गैबी, वाराणसी शामिल है।
बरामदगी और पुलिस टीम – पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से लूटी गई 28.54 ग्राम वजनी दो सोने की चेन (कीमत करीब 3.5 लाख रुपए) और 150 रुपए नकद बरामद किए हैं।
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्र के नेतृत्व में उप-निरीक्षक मनोज कुमार चौहान, रोहित तिवारी, महिला उप-निरीक्षक प्रीती कुमारी, हेड कॉन्स्टेबल संजय चौधरी, विनोद कुमार यादव, और कॉन्स्टेबल पंकज यादव व आशीष गिरि शामिल थे। सिगरा पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई से अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।




