BM Breaking News वाराणसी: दशाश्वमेध थाना पुलिस ने “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 25,000 रुपए के इनामी शातिर चेन स्नैचर समेत दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों एक महीने पहले गोदौलिया इलाके में एक बुजुर्ग महिला के गले से चेन छीनकर फरार हो गए थे। पुलिस ने इनके पास से बेची गई चेन से मिले 2,03,800 रुपए भी बरामद किए हैं।

महंगे शौक पूरे करने के लिए बने अपराधी वाराणसी पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चल रहे अपराधी धरपकड़ अभियान के तहत, दशाश्वमेध पुलिस टीम को यह सफलता मिली। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान हरिओम राजभर उर्फ सत्यम (19 वर्ष) और आशीष कुमार उर्फ गड्डी (22 वर्ष) के रूप में हुई है, दोनों मंडुआडीह के शिवदासपुर के निवासी हैं। सत्यम पर पहले से ही 25,000 रुपए का इनाम घोषित था।

पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने जो कहानी बताई, वह हैरान करने वाली है। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई, 2025 को वे घाट घूमने के लिए गोदौलिया गए थे। वहीं पर अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उन्होंने चेन स्नेचिंग की योजना बनाई। उनकी नजर एक बुजुर्ग दंपत्ति पर पड़ी जो धीरे-धीरे चल रहे थे। महिला के गले में सोने की चेन देखकर उन्हें लगा कि इससे आसान शिकार नहीं मिलेगा। मौका देखते ही उन्होंने गोदौलिया चौराहे के पास महिला के गले पर झपट्टा मारा, चेन छीनी और फरार हो गए।

राजस्थान में लगा रहा था पूड़ी-सब्जी की दुकान अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने छीनी हुई चेन को देवरिया में एक सुनार को 3 लाख रुपए में बेच दिया था। पैसे मिलते ही दोनों ने 50-50 हजार रुपए बांट लिए। मुख्य अभियुक्त सत्यम अपनी चार महीने की गर्भवती पत्नी को लेकर पहले सोनीपत और फिर जयपुर, राजस्थान भाग गया। पुलिस से बचने के लिए वह वहां पूड़ी-सब्जी की दुकान चला रहा था और परिवार से संपर्क करने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करता था।

पैसे के बंटवारे के लिए लौटे तो धरे गए खर्च के बाद बचे हुए 2,03,800 रुपए का बंटवारा करने के लिए दोनों आज रात वाराणसी में आशीष के शिवदासपुर स्थित घर पर इकट्ठा हुए थे। उनकी योजना थी कि पैसा बांटकर वे हमेशा के लिए वाराणसी छोड़ देंगे। लेकिन मुखबिर की सूचना और सर्विलांस व साइबर टीम की मदद से दशाश्वमेध पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया।

गिरफ्तारी करने वाली जांबाज पुलिस टीम इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला, वरिष्ठ उप-निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता, उ.नि. अभिषेक कुमार त्रिपाठी, चौकी प्रभारी विजय कुमार चौधरी, कांस्टेबल भूपेन्द्र कुमार, राजन सिंह, सर्विलांस सेल से अश्वनी सिंह, साइबर सेल से रोहित कुमार तिवारी और महिला कांस्टेबल कीर्ति सिंह शामिल रहीं। पुलिस अभियुक्तों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

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