क्रिकेट कोच ने 500 से अधिक बच्चों से कुकर्म का दावा किया, पुलिस ने दबोचा
Description: वाराणसी में क्रिकेट कोच ने किया 500 से अधिक बच्चों से कुकर्म का सनसनीखेज दावा। कोच बना हैवान! भेलूपुर पुलिस ने आरोपी कोच मुरारीलाल को किया गिरफ्तार, मामले में POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई। जानें कैसे देता था फ्री कोचिंग और सिलेक्शन का झांसा।
वाराणसी (BM Breaking News): धर्मनगरी वाराणसी एक ऐसी खबर से थर्रा उठी है, जिसने मानवीय मूल्यों और विश्वास को तार-तार कर दिया है। शहर के जाने-माने एक क्रिकेट कोच को थाना प्रभारी भेलूपुर सधीर कुमार त्रिपाठी की टीम ने 500 से अधिक बच्चों के साथ कुकर्म के सनसनीखेज आरोप में गिरफ्तार किया है। यह मामला वर्ष 2020 से अब तक के किए गए घिनौने कृत्यों से जुड़ा है, जिसका खुलासा आरोपी ने पुलिस पूछताछ में किया है।
कोच बना हैवान! गिरफ्तारी के बाद आरोपी घुटनों पर बैठकर रोया – इस भयानक कांड के मुख्य आरोपी की पहचान मुरारीलाल उर्फ गौतम (45) के रूप में हुई है, जो लंका थाना क्षेत्र के सीर गोवर्धन का निवासी है। पुलिस के अनुसार, जब आरोपी कोच मुरारीलाल को मीडिया के सामने लाया गया, तो वह घुटनों के बल बैठकर फूट-फूट कर रोने लगा। उसने पुलिस अधिकारियों से कहा, “अब साहब, जीने की इच्छा नहीं है।”
एसीपी गौरव कुमार ने मीडिया को बताया कि यह कोच मूल रूप से जंसा थाना क्षेत्र के मीराबन का रहने वाला है।
फ्री कोचिंग और सिलेक्शन का झांसा ही था हथियार – पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कोच ने बच्चों को फंसाने के लिए बेहद घिनौनी रणनीति अपनाई थी।
कोचिंग का धंधा: वर्ष 2016 में अपना घर छोड़कर यह कोच क्रिकेट कोचिंग के धंधे में उतरा। वह सीर गोवर्धन में किराए का कमरा लेकर विभिन्न मैदानों में मासूमों को प्रशिक्षण देता था।
शिकार की रणनीति: भोले-भाले बच्चों को वह फ्री कोचिंग देने और टीम में सिलेक्शन कराने का लालच देता था। इसी लालच का फायदा उठाकर उसने बच्चों का वर्षों तक यौन शोषण किया।
पहले भी जा चुका है जेल, फिर बना हैवान – यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी कोच का आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2021 में भी उसके खिलाफ लंका थाने में आईपीसी की धारा 370 के तहत कार्रवाई हुई थी और वह जेल गया था। इसके बावजूद जेल से छूटने के बाद इस हैवान कोच ने फिर से बच्चों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया।
दो नाबालिगों के शोषण पर दर्ज हुआ मुकदमा, POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई – मामले की गंभीरता तब सामने आई जब पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत मिली। एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि दर्ज मुकदमे के अनुसार, आरोपी कोच ने 14 वर्षीय और उसके 15 वर्षीय दोस्त को क्रिकेट टीम में चयन का झांसा देकर कई बार उनके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया।
भेलूपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी कोच मुरारीलाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह मामला पाॅक्सो एक्ट (POCSO Act) के अंतर्गत आता है और इसे अत्यंत गंभीर श्रेणी का अपराध माना गया है। आरोपी को अब न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वाराणसी की इस हृदय विदारक घटना ने समाज में बच्चों की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह मामला दिखाता है कि कैसे विश्वास के पदों पर बैठे लोग मासूमों का शोषण कर सकते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है, और उम्मीद है कि आरोपी कोच को उसके घिनौने अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।







