वाराणसी कफ सिरप तस्करी मामला में बड़ी कार्रवाई। अपर जिला जज मनोज कुमार की अदालत में भोला जायसवाल की पेशी हुई। कोर्ट ने शुभम जायसवाल सहित 6 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चर्चित कफ सिरप तस्करी मामला (Varanasi Cough Syrup Smuggling Case) में न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। शुक्रवार को अपर जिला जज/दूरगामी (चौदहवाँ) वित्त आयोग मनोज कुमार की अदालत में इस सनसनीखेज प्रकरण की सुनवाई हुई। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्य आरोपियों में से एक भोला प्रसाद जायसवाल को सोनभद्र जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजक अधिकारी सुनील सिंह ने प्रभावी पैरवी की। कोर्ट ने आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल की दलीलों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद उसे 7 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी।

कोतवाली थाने में दर्ज इस मुकदमे के अनुसार, मेसर्स शैली ट्रेडर्स और उसके कॉम्पेटेंट पर्सन शुभम जायसवाल ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के आधार पर एक फर्म पंजीकृत कराई थी। आरोप है कि इस फर्म के जरिए भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप को गैर-चिकित्सीय और नशे के रूप में अवैध तरीके से बेचा जा रहा था।वाराणसी पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। भोला जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद उसे सोनभद्र जेल भेजा गया था, जहाँ से वारंट बी के जरिए उसे आज वाराणसी कोर्ट में पेश किया गया।

वाराणसी कफ सिरप तस्करी मामला में फरार चल रहे अन्य आरोपियों पर भी कोर्ट ने शिकंजा कस दिया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत 6 लोगों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। जिन आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है, उनमें शामिल हैं: शुभम जायसवाल (प्रहलाद घाट), दिवेश जायसवाल उर्फ सानू (खोजवा बाजार), विकास सिंह (जौनपुर), आकाश पाठक (गोलघर), राहुल यादव (गायघाट), अमित (सोनिया) शामिल है।

इसी मामले में पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति जप्तीकरण (Property Attachment) के लिए भी अर्जी दी है। आरोपी के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने कोर्ट से इस पर लिखित आपत्ति दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय मांगा था। हालांकि, कोर्ट ने इस प्रकरण पर भी सुनवाई के लिए 9 जनवरी की तिथि तय की है।

एक अन्य घटनाक्रम में, रोहनिया थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में आरोपी महेश कुमार सिंह (निवासी काशीपुर) ने पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ने अपने अधिवक्ता शशिकांत राय उर्फ चुन्ना राय और विपिन शर्मा के माध्यम से सरेंडर किया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। वाराणसी कफ सिरप तस्करी मामला में कोर्ट की सख्त टिप्पणी और गैर-जमानती वारंट जारी होने से फरार आरोपियों की मुश्किलें बढ़ना तय है। पुलिस अब इन फरार अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी तेज कर सकती है।

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