वाराणसी दहेज उत्पीड़न मामला में पति को कोर्ट से राहत मिली है। दहेज प्रताड़ना, मारपीट और उत्पीड़न के आरोपों में विशेष अदालत ने आरोपी पति को अग्रिम जमानत दी।

बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और संदीप यादव ने अदालत में अपना पक्ष रखा।

वाराणसी दहेज उत्पीड़न मामला एक बार फिर चर्चा में है, जहां दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने के आरोप में फंसे पति को अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तृतीय) पूनम पाठक की अदालत ने आरोपी पति को अग्रिम जमानत प्रदान करने का आदेश दिया है। अदालत ने विरार, नवी मुंबई निवासी आरोपी शिवम जितेंद्र पाण्डेय को पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की स्थिति में 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

वाराणसी दहेज उत्पीड़न मामला की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और संदीप यादव ने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, नवलपुर निवासी वादिनी पारुल सिंह ने शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर में कहा गया कि उसकी शादी 08 फरवरी 2023 को शिवम जितेंद्र पाण्डेय के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दहेज में कम पैसे मिलने को लेकर ससुराल पक्ष उसे ताने देने लगा। वाराणसी दहेज उत्पीड़न मामला में आरोप है कि सास पुष्पा पाण्डेय, ननद शताक्षी पाण्डेय (आस्था), ससुर जितेंद्र पाण्डेय और पति शिवम जितेंद्र पाण्डेय ने मिलकर वादिनी पर 14 लाख रुपये नकद या किया कार लाने का दबाव बनाया।

वादिनी का आरोप है कि वह उस समय गर्भवती थी और ससुराल वाले उस पर गर्भपात कराने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। इसकी जानकारी मिलने पर वादिनी की मां, दादा और बड़े पिता 14 जनवरी 2024 को ससुराल पहुंचे और काफी समझाने के बाद अपनी मजबूरियों का हवाला देते हुए तीन लाख रुपये नकद दिए। वाराणसी दहेज उत्पीड़न मामला में वादिनी ने यह भी आरोप लगाया कि इसके बावजूद ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला। पति द्वारा जबरन अप्राकृतिक मैथुन करने, विरोध करने पर अपमानित कर घर से निकालने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

इतना ही नहीं, आरोप है कि पति अपनी महिला मित्र दीपिका दयाल को घर ले आया और उसके साथ रहने की बात कहने लगा। विरोध करने पर वादिनी को गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। आखिरकार 13 अक्टूबर 2024 को वादिनी को जबरन घर से निकालकर मायके भेज दिया गया। इसके बाद मामला पुलिस और अदालत तक पहुंचा। सभी तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने वाराणसी दहेज उत्पीड़न मामला में आरोपी पति को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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