वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में सोमवार को अवैध निर्माणों पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। विकास और चौड़ीकरण के उद्देश्य से किए जा रहे इस ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पूरी खबर पढ़ें bmbreakingnews.com पर।
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर थाना प्रभारी चौक दिलीप कुमार मिश्रा व चौकी प्रभारी दालमंडी प्रकाश सिंह चौहान सहित कई थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे।
वाराणसी। धर्म की नगरी काशी के हृदय स्थल दालमंडी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण का कार्य अब एक नए चरण में पहुंच गया है। सोमवार को नए साल के अवसर पर पहली बार प्रशासन ने क्षेत्र में बुलडोजर उतारा, जिसकी गड़गड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। यह कार्रवाई शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
सोमवार की सुबह करीब 10 बजे प्रशासन की टीम पूरे लाव-लश्कर के साथ दालमंडी पहुंची। मकान नंबर C39/72 पर जैसे ही बुलडोजर ने अपना काम शुरू किया, वहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर थाना प्रभारी चौक दिलीप कुमार मिश्रा व चौकी प्रभारी दालमंडी प्रकाश सिंह चौहान सहित कई थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। सुरक्षा कारणों के चलते पुलिस ने मौके पर मौजूद भीड़ को हटाया और संबंधित क्षेत्र को घेरे में ले लिया। दोपहर तक बुलडोजर की कार्रवाई लगातार जारी रही। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण का कार्य अब अंतिम चरणों में है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दालमंडी वाराणसी का एक बेहद व्यस्त और घनी आबादी वाला व्यापारिक क्षेत्र है। प्रशासन के अनुसार, दालमंडी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण का कार्य स्थानीय विकास के लिए अनिवार्य है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: बढ़ती जनसंख्या: क्षेत्र में आबादी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। यातायात की समस्या: संकरी गलियों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क चौड़ीकरण: बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सड़कों का विस्तार जरूरी है।
इस बड़ी कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिली। विकास का समर्थन: कई निवासियों का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और व्यापार में सुगमता आएगी। संपत्ति को लेकर चिंता: वहीं, कुछ लोगों ने इस कार्रवाई पर चिंता जताते हुए विरोध भी किया। उन्हें डर है कि इससे उनकी निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन का आश्वासन: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण का कार्य पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। किसी भी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होगा और मुआवजे से संबंधित प्रक्रियाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।
प्रशासनिक अमला लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रहा है ताकि कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और इस विकास कार्य में सहयोग करें। दालमंडी में चला यह बुलडोजर भविष्य में इस क्षेत्र की सूरत बदलने और इसे एक आधुनिक व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।




